AI भारत के लिए कहां मौका, कहां इंसान के लिए विनाशकारी? PM मोदी ने रखा विजन, पढ़ें संबोधन की बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट में मानव-केंद्रित AI का विजन पेश करते हुए ‘MANAV’ फ्रेमवर्क का जिक्र किया. उन्होंने एआई के लोकतंत्रीकरण, जवाबदेही, स्किलिंग, ग्लोबल मानकों और डीपफेक जैसी चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया.

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एआई इम्पैक्ट समिट में पीएम मोदी ने दिया संबोधन (Photo: X/@BJP) एआई इम्पैक्ट समिट में पीएम मोदी ने दिया संबोधन (Photo: X/@BJP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:29 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य के लिए एक ह्यूमन-सेंट्रिक विज़न बताया और तेज़ी से उभरती टेक्नोलॉजी के डेमोक्रेटाइज़ेशन और सबको साथ लेकर चलने की अपील की.

प्रधानमंत्री ने कहा, “सबकी भलाई और सबकी खुशी हमारा बेंचमार्क है. इंसानों को AI के लिए सिर्फ़ डेटा पॉइंट या रॉ मटेरियल नहीं बनना चाहिए. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि AI को डेमोक्रेटाइज़ करने और इसे एक सबको साथ लेकर चलने वाला मॉडल बनाने की ज़रूरत है.

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उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया, “हमें AI को आगे बढ़ने के लिए खुला मौका देना चाहिए, लेकिन कमांड हमारे हाथ में ही रहनी चाहिए.”

PM मोदी का ‘MANAV’ फ्रेमवर्क 

पीएम मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए अप्रोच इस बात पर फ़ोकस होना चाहिए कि AI को AI-सेंट्रिक के बजाय ह्यूमन-सेंट्रिक कैसे बनाया जाए क्योंकि उन्होंने AI गवर्नेंस के लिए ‘MANAV’ फ्रेमवर्क पेश किया.

MANAV का क्या मतलब?

  • M का मतलब है नैतिक और एथिकल सिस्टम.
  • A का मतलब है जवाबदेह शासन.
  • N का मतलब है राष्ट्रीय संप्रभुता.
  • A का मतलब है सुलभ और समावेशी.
  • V का मतलब है वैध और जायज़.

नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "हम एक ऐसे दौर में जा रहे हैं, जहां इंसान और डिजिटल इंटेलिजेंस मिलकर बनाएंगे और मिलकर आगे बढ़ेंगे. यह हमारे सिस्टम को ज़्यादा स्मार्ट, ज़्यादा कुशल और ज़्यादा असरदार बनाएगा. यह लोगों को क्रिएटिव रोल निभाने के ज़्यादा मौके देगा. यह इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और नई इंडस्ट्री बनाने का एक बड़ा मौका है."

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'इंसानी इतिहास में कुछ ऐसे मोड़...'

एआई समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "एआई मशीनों के होशियार बना रही है लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है. अंतर सिर्फ एक है, इस बार स्पीड भी अभूतपूर्व है और स्केल भी अप्रत्याशित है. पहले टेक्नोलॉजी का इंपैक्ट देखने में दशकों लगते थे, आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन का सफर तेज और व्यापक है. हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही निभानी है. हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ी का हाथों में हम क्या स्वरूप सौंप कर जाएंगे."

उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि वर्तमान में हम एआई के साथ क्या करते हैं. ऐसे प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं. सबसे सशक्त उदाहरण हैं- न्यूक्लियर पावर, हमने उसका दोनों पहलू देखा है. उन्होंने कहा कि AI के लिए इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट न बन जाए, इसका ध्यान रखना होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इंसानी इतिहास में कुछ ऐसे मोड़ आए हैं, जिन्होंने सदियों को बदल दिया. इन मोड़ों ने सभ्यता की दिशा तय की और विकास की रफ़्तार बदल दी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतिहास में ऐसा ही एक बदलाव है. AI मशीनों को इंटेलिजेंट बना रहा है. इसके साथ ही, यह इंसानी काबिलियत को कई गुना बढ़ा रहा है."

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'हमें मूवमेंट बनाना होगा...'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमें स्किलिंग, रीस्किलिंग और लाइफलॉन्ग लर्निंग को एक मास मूवमेंट बनाना होगा. काम का भविष्य सबको साथ लेकर चलने वाला, भरोसेमंद और इंसानी सोच वाला होगा. अगर हम साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानियत की काबिलियत को बढ़ाएगा."

उन्होंने आगे कहा कि AI एक बदलाव लाने वाली ताकत है. अगर दिशाहीन हो, तो यह रुकावट बन जाती है. अगर सही दिशा मिल जाए, तो यह समाधान बन जाती है. AI को मशीन-सेंट्रिक से ह्यूमन-सेंट्रिक कैसे बनाया जाए, इसे सेंसिटिव और रिस्पॉन्सिव कैसे बनाया जाए, यही इस ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट का मूल मकसद है. इस समिट की थीम साफ तौर पर उस नजरिए को दिखाती है, जिससे भारत AI को देखता है. सबकी भलाई, सबकी खुशी. यही हमारा बेंचमार्क है.

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पीएम मोदी ने कहा, "आइए AI को दुनिया की आम भलाई के तौर पर डेवलप करने का वादा करें. आज ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाना एक बहुत ज़रूरी ज़रूरत है. डीपफेक और बनावटी कंटेंट खुले समाज को अस्थिर कर रहे हैं. डिजिटल दुनिया में, कंटेंट पर ऑथेंटिसिटी लेबल भी होने चाहिए, जिससे लोगों को पता चले कि क्या असली है और क्या AI से बनाया गया है."

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उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे AI ज़्यादा टेक्स्ट, इमेज और वीडियो बनाता है, इंडस्ट्री को वॉटरमार्किंग और क्लियर-सोर्स स्टैंडर्ड की ज़रूरत बढ़ती जा रही है. इसलिए, यह ज़रूरी है कि यह भरोसा शुरू से ही टेक्नोलॉजी में बना रहे.

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