'बाढ़ का दर्द नहीं झेलेंगे, इस बार बारिश का मजा लेंगे दिल्ली वाले', मानसून से पहले दिल्ली के डिप्टी CM प्रवेश वर्मा का दावा

दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा ने दावा किया है कि नालों से अब तक 14 लाख मीट्रिक टन सिल्ट हटाई जा चुकी है. उन्होंने 30 लाख मीट्रिक टन सिल्ट हटाने का लक्ष्य बताते हुए कहा कि पिछले साल 20 लाख टन सिल्ट हटाया गया था.

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बरसात में बेहाल हो जाता है दिल्ली का हाल (File Photo: PTI) बरसात में बेहाल हो जाता है दिल्ली का हाल (File Photo: PTI)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

हर साल मानसून के समय बारिश में जलभराव से जूझने वाली दिल्ली के लोगों के लिए इस बार राहत भरी खबर है. दिल्ली सरकार के लोकनिर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि इस बार राजधानी में जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी. दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम और पीडब्ल्यूडी विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने दावा किया है कि इस बार दिल्ली के लोग बारिश का मजा लेंगे, बाढ़ का दर्द नहीं झेलेंगे.

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मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने इसके पीछे नालों की रिकॉर्ड सफाई से लेकर मानसून से पहले व्यापक तैयारी तक, सरकार के स्तर पर उठाए गए कदम गिनाए. उन्होंने कहा कि मानसून आने से पहले 30 लाख टन सिल्ट निकालने का टार्गेट रखा गया है. पिछले साल: 20 लाख टन सिल्ट हटाई गई थी. प्रवेश साहिब साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि अब तक 14 लाख मीट्रिक टन सिल्ट हटाई जा चुकी है. बाकी अगले दो महीनों में 16 लाख टन सिल्ट और हटाने का लक्ष्य रखा गया है.

उन्होंने यह भी कहा कि पहले महज 50 बड़े नालों की ही सफाई की जाती थी. अब एमसीडी के नालों को भी पीडब्ल्यूडी के तहत लाकर सफाई का दायरा बढ़ाया गया है. प्रवेश वर्मा ने बारापुला और दिल्ली गेट के नालों का निरीक्षण किया और दावा किया कि साउथ दिल्ली के जलभराव वाले हॉट स्पॉट इस बार काफी हद तक सुरक्षित रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि सभी ठेकेदार, अधिकारी और हमारी टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं. हर नाले की मॉनिटरिंग की जा रही है.

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दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने 30 जून तक काम पूरा कर लिए जाने का दावा करते हुए पिछली सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि पिछले कई साल से इन नालों में जो सिल्ट थी, पिछली सरकारों ने उसे नहीं निकाला. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों को इसी का खामियाजा भुगतना पड़ता था. प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली गेट के नाले को कवर कर रखा था. इसे अनकवर कराया गया, जिससे सफाई हो सके और पानी का बहाव तेजी से हो सके.

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उन्होंने पीडब्ल्यूडी ने टेंडर से लेकर खर्च तक, पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का दावा किया और कहा कि जनता के एक-एक पैसे का उपयोग विकास में किया जाएगा. गौरतलब है कि मानसून की बारिश से दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है और कई मार्गों पर आवागमन भी बाधित हो जाता है. दिल्ली सरकार दावे तो कर रही है, लेकिन नतीजे बारिश शुरू होने के बाद ही देखने को मिलेंगे.

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