दिल्ली में नाले में गिरे बेटे को खोजता रहा पिता, 4 दिन बाद मिला शव

चार दिन की खोजबीन के बाद जसोला इलाके में नाले में गिरे एक 15 साल के बच्चे का शव मिला है. बच्चे के पिता कचरे के ढेर को हटाकर 4 दिनों तक अपने बच्चे की तलाश करता रहा. इस बीच बचाव दलों ने तेज बहाव के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.

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यह शख्स कचरे के ढेर में अपने लापता बेटे को ढूंढ रहा है. उसका बेटा 22 अगस्त को एक खुले नाले में गिर गया था. (Photo-ITG) यह शख्स कचरे के ढेर में अपने लापता बेटे को ढूंढ रहा है. उसका बेटा 22 अगस्त को एक खुले नाले में गिर गया था. (Photo-ITG)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली ,
  • 25 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

दिल्ली के जसोला इलाके में खुले नाले में गिरे 15 साल के मिथुन का शव मंगलवार को बरामद कर लिया गया. मिथुन 22 अगस्त को पतंग उड़ाते समय नाले में गिर गया था. इसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी. करीब चार दिन तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसका शव मिला.

शव मिलने से कुछ समय पहले मिथुन के पिता अवधेश कुमार का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में वह नाले में जमा कचरा अपने हाथों से हटाते दिखे. वह बेहद परेशान नजर आए. अवधेश ने कहा कि अगर यह कचरा हटा दिया जाए तो उनका बेटा मिल जाएगा. इसके बाद वह खुद नाले में उतर गए. उन्होंने हाथों से कचरा हटाकर बेटे को खोजने की कोशिश की.

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इस वीडियो ने लोगों को भावुक कर दिया. पिता कई दिनों से अपने बेटे की तलाश में जुटा था. इससे पहले भी उनका एक वीडियो सामने आया था. उसमें वह डंडे की मदद से नाले में बेटे को खोजते दिख रहे थे.

मिथुन की तलाश के लिए कई एजेंसियों ने अभियान चलाया. दिल्ली फायर सर्विस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं थी. बचावकर्मियों और गोताखोरों ने भी नाले में तलाशी अभियान चलाया.

नाले में पानी का बहाव काफी तेज है. यह नाला जसोला और शाहीन बाग से होकर गुजरता है. आगे यह आगरा नहर में मिलता है. इसके बाद पानी यमुना की ओर जाता है. तेज बहाव के कारण बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती थी.

रिहायशी इलाके के बीच से गुजरता है खुला नाला

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यह नाला दिल्ली नगर निगम यानी MCD के अधीन है. नाला रिहायशी इलाके के बीच से होकर गुजरता है. इसके दोनों ओर घर बने हुए हैं. इसके खुले होने को लेकर अब सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले नाले से आसपास रहने वाले लोगों को खतरा बना रहता है. खासकर बच्चों के लिए यह ज्यादा जोखिम वाला है. मिथुन के साथ हुए हादसे ने इस समस्या को फिर सामने ला दिया है.

घटना के बाद दिल्ली सरकार ने भी कार्रवाई की. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्य सचिव से नाले के अधिकार क्षेत्र की जानकारी मांगी. उन्होंने लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं.

इसके बाद MCD ने एक जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. नगर निगम ने अधिकारी पर ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाया है. उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली: जसोला नाले में गिरे बच्चे की 3 दिन से तलाश जारी, CM रेखा ने JE को किया सस्पेंड

दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है परिवार

मिथुन का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है. उसके माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्य दिल्ली में रहते हैं. परिवार के लोग मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं. मिथुन के नाले में गिरने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. पिता लगातार बेटे की तलाश में जुटे रहे. आखिरकार चार दिन बाद उसका शव बरामद हुआ.

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इस हादसे ने दिल्ली में खुले नालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब लोगों की मांग है कि रिहायशी इलाकों में खुले नालों को सुरक्षित किया जाए. ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े.

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