दिल्ली यूनिवर्सिटी में लॉ फैकल्टी के एक प्रोफेसर पर पीएचडी स्कॉलर ने हमला कर दिया. यह घटना उमंग भवन में सुबह करीब साढ़े दस बजे हुई. आरोपी छात्र की पहचान शुभम सिंह के रूप में हुई है, जो 2024-25 सेशन के फेज टू में लॉ फैकल्टी में पीएचडी कर रहा है.
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि छात्र पहले से प्रोफेसर का इंतजार कर रहा था और जैसे ही प्रोफेसर बिल्डिंग में दाखिल हुए, उस पर हमला बोल दिया. मामले में मौरिस नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच कर रही है.
घटना के तुरंत बाद डीयू प्रशासन हरकत में आया. यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर ऑफिस ने शुभम सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. साथ ही उसके यूनिवर्सिटी कैंपस में आने पर भी रोक लगा दी गई है.
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यह कार्रवाई दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट 1922 के ऑर्डिनेंस पंद्रह बी के तहत की गई है. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक स्वतंत्र कमेटी भी बनाई गई है. इस कमेटी में केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर राजीव गुप्ता को चेयरमैन बनाया गया है, जबकि हिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर विपुल सिंह और हिंदी विभाग की प्रोफेसर सुधा सिंह इसके सदस्य होंगे.
इस घटना के बाद डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट यानी डीटीएफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. संगठन का कहना है कि कैंपस में शिक्षकों पर हमले की यह तीसरी घटना है. इससे पहले भी लॉ फैकल्टी के ही एक छात्र ने प्रोफेसरों के साथ बदसलूकी की थी.
वहीं 2025 में डूसू की जॉइंट सेक्रेटरी दीपिका झा पर डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज में एक प्रोफेसर को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था. डीटीएफ ने कहा कि सिर्फ सस्पेंशन काफी नहीं है. संगठन ने डीयू प्रशासन पर कैंपस हिंसा के मामलों में ढीला और नाकाफी रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया है.
अनमोल नाथ