दिल्ली के सरकारी स्कूलों में किताबों की खरीद को लेकर AAP-BJP आमने-सामने, शिक्षा मंत्री ने दी सफाई

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा शिक्षा विभाग पर लगे झूठे आरोप पर जवाब देने आया हूं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने 10 साल के शासन में सिर्फ घोटाले किए हैं, उन्हें हर जगह घोटाला ही नजर आता है.

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शिक्षा मंत्री ने जल्द ही AAP सरकार के दौरान हुए 5400 करोड़ के घोटाले को सामने लाने की बात कही. (File Photo: ITG) शिक्षा मंत्री ने जल्द ही AAP सरकार के दौरान हुए 5400 करोड़ के घोटाले को सामने लाने की बात कही. (File Photo: ITG)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मुफ्त बांटी जाने वाली किताबों की खरीद प्रक्रिया और गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि किताबों की छपाई में लगभग 40 प्रतिशत तक का कमीशन हो सकता है.

उन्होंने बाजार में उपलब्ध एनसीईआरटी की किताब और दिल्ली सरकार के टेंडर के तहत छापी गई किताब की तुलना करते हुए कागज की गुणवत्ता, आकार और प्रिंट पर सवाल उठाए.

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वहीं, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी (AAP) के लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा शिक्षा विभाग पर लगे झूठे आरोप पर जवाब देने आया हूं.

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आप नेता सौरभ भारद्वाज के दावों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने 10 साल के शासन में सिर्फ घोटाले किए हैं, उन्हें हर जगह घोटाला ही नजर आता है.

शिक्षा मंत्री ने जल्द ही आप सरकार के दौरान हुए 5400 करोड़ रुपये के घोटाले को जनता के सामने लाने की बात कही.

किताबों के साइज और दामों पर सफाई देते हुए आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि मल्हार किताब केवल 20 रुपये 61 पैसे में खरीदी गई, जबकि एनसीईआरटी इसे 65 रुपये में बेचती है.

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उन्होंने बताया कि एनसीईआरटी ने इस साल अपनी किताब बदली है. इसके अलावा, गृह विज्ञान की जिस किताब पर आरोप लगाए गए हैं, वह साल 2022 में पब्लिश हुई थी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि इनकी सरकार के दौरान अधिकतम दाम 100 था हमारी सरकार में 55 रुपए है.

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