दिल्ली में मणिपुर के रहने वाले रिटायर्ड म्यूजिक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की मौत के बाद लोगों में गुस्सा है. विक्रम सिंह की हत्या के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली की सड़कों पर कैंडल मार्च निकाला. लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मृतक को श्रद्धांजलि दी. साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने विक्रम सिंह के लिए न्याय की मांग की. लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की.
दरअसल, मामला दिल्ली के किलोकरी गांव का है. यहां 54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह रहते थे. वह रिटायर्ड म्यूजिक टीचर और म्यूजिशियन थे. आरोप है कि 6 सितंबर की रात उनके घर के सामने कुछ डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मचारी शोर-शराबा कर रहे थे.
विक्रम सिंह ने घर से बाहर आकर शोर का विरोध किया. इसी दौरान वहां मौजूद लोगों से उनका विवाद हो गया. आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद विक्रम सिंह के साथ मारपीट की गई. उन पर मुक्कों और अन्य तरीकों से हमला किया गया. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
हमले के बाद विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा उन्हें होली फैमिली अस्पताल लेकर गए. उनकी हालत बेहद गंभीर थी. डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया. पर उनकी जान नहीं बच सकी. इलाज के दौरान विक्रम सिंह ने दम तोड़ दिया. मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में तनाव और गुस्सा बढ़ गया. पुलिस ने मामले में हत्या की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
मर्डर के विरोध में लोगों ने निकाला कैंडल मार्च
विक्रम सिंह की मौत के बाद दिल्ली में मणिपुर के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विक्रम सिंह के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है.
एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि विक्रम सिंह को स्थानीय लोगों ने बुरी तरह पीटा था. उनका कहना है कि हमले के बाद विक्रम सिंह चलने-फिरने की हालत में भी नहीं थे. अस्पताल में उनकी हालत गंभीर थी. पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से न्याय की मांग की. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों के साथ होने वाली हिंसा और भेदभाव को खत्म किया जाना चाहिए. लोगों ने कहा कि वे देश के नागरिक हैं और उन्हें भी सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का अधिकार है.
सात आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने एक 15 साल के नाबालिग को भी हिरासत में लिया है. गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 36 साल के बीच बताई गई है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में कुछ लोग आसपास के ढाबों और फूड आउटलेट से जुड़े हैं. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई. हमले में किस आरोपी की क्या भूमिका थी. इसको लेकर भी जांच की जा रही है.
घटना से जुड़े CCTV फुटेज भी पुलिस के पास हैं. पुलिस इन फुटेज की मदद से पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह ने भी जताया दुख
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी विक्रम सिंह की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने दिल्ली पुलिस से मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग की. उन्होंने विक्रम सिंह को मणिपुर का प्रसिद्ध गिटारिस्ट और वेस्टर्न म्यूजिक का अग्रणी कलाकार बताया.
बीरेन सिंह ने कहा कि संगीत के क्षेत्र में विक्रम सिंह का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. उनकी मौत परिवार और संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है. उन्होंने दिल्ली पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने और जल्द न्याय सुनिश्चित करने की अपील की.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस हमले की पूरी वजह और सभी आरोपियों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है.
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