शराब घोटाला: पूरी प्लानिंग के साथ सबूतों को नष्ट किया गया... ED ने सिसोदिया के रिमांड नोट में किए कई दावे

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को फिर से ईडी की पांच दिन की रिमांड में भेज दिया गया है. दरअसल ईडी ने सिसोदिया की रिमांड खत्म होने के बाद शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में उन्हें पेश किया था. इस दौरान ईडी ने सिसोदिया की 7 दिन की और रिमांड मांगी थी. हालांकि कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड मंजूर करते हुए उन्हें 22 मार्च को पेश करने का आदेश दे दिया.

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ईडी को फिर मिली मनीष सिसोदिया की रिमांड (फाइल फोटो) ईडी को फिर मिली मनीष सिसोदिया की रिमांड (फाइल फोटो)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 12:00 AM IST

AAP नेता मनीष सिसोदिया की रिमांड पूरी होने के बाद शुक्रवार को ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया. इस दौरान ईडी ने कोर्ट से सिसोदिया की फिर से 7 दिन की रिमांड की मांग कर दी. एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि जांच अभी अहम मोड़ पर है, अगर अभी हिरासत नहीं मिली तो सारी मेहनत बेकार हो जाएगी.

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ईडी ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ दाखिल रिमांड नोट में बताया कि बड़े पैमाने पर फोन को नष्ट करना अपराध छिपाने की मंशा को दर्शाता है. एजेंसी ने कहा कि बड़े पैमाने पर जानबूझकर अपराध की आय, मनी ट्रेल के साथ-साथ अपराध की आय से जुड़े सबूतों को नष्ट किया गया है.

दूसरे के सिम कार्ड और फोन का इस्तेमाल किया गया

ईडी ने बताया कि जांच और पूछताछ में सिसोदिया ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से (कम से कम पिछले 8 महीनों से) एक मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे थे, जिसे ठीक 22.07.2022 को बदल दिया था. यह वह तारीख थी, जिस दिन एलजी द्वारा शराब घोटाले मामले में शिकायत सीबीआई को भेजी गई थी. इतना ही नहीं ईडी को किसी व्यक्ति के सिम कार्ड और हैंडसेट का उपयोग करने से सबूत नष्ट करने की सुनियोजित योजना का पता चलता है.

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सिसोदिया ने सचिव को केजरीवाल के घर पर सौंपे थे दस्तावेज

ईडी ने बताया कि किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड और हैंडसेट का उपयोग करने का उद्देश्य इस बात से इनकार करना कि सिम से जुड़ा व्हाट्सएप या डेटा और फोन में मौजूद डेटा उनका है. यह न केवल सबूतों को नष्ट करने और मोबाइल नष्ट करने की सुनियोजित योजना को दर्शाता है. सिसोदिया के सचिव ने खुलासा किया कि सिसोदिया ने उन्हें केजरीवाल के आवास पर बुलाया और जीओएम दस्तावेज सौंप दिए. जहां पहली बार बढ़ी हुई मार्जिन का उल्लेख किया गया था.

मनीष सिसोदिया के तत्कालीन सचिव ने खुलासा किया था कि सिसोदिया ने उन्हें 15 मार्च और 19 मार्च के बीच सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर बुलाया और उन्हें एक दस्तावेज सौंपा था जिसमें जीओएम रिपोर्ट का मसौदा था, जिसके आधार पर दस्तावेज 19 मार्च को टाइप किया गया, जिसे मनीष सिसोदिया के कार्यालय से दूसरे कंप्यूटर से लिया गया था. इस दस्तावेज में पहली बार थोक विक्रेताओं के लिए 12% मार्जिन शामिल था.

ओबेरॉय होटल में 

ईडी ने बताया कि जांच से यह भी पता चला है कि साउथ ग्रुप के सदस्य 14 मार्च से 17 मार्च तक नई दिल्ली के ओबेरॉय होटल में ठहरे हुए थे. ओबेरॉय होटल के बिजनेस सेंटर का इस्तेमाल साउथ ग्रुप के प्रतिनिधि करते थे. जीओएम रिपोर्ट के मसौदे में बदलाव (5% से 12%) इसी होटल में किया गया था.

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