'जलभराव को आपदा मान युद्धस्तर पर करें काम,' दिल्ली LG का सख्त निर्देश

बारिश से राजधानी दिल्ली में जलभराव की समस्या बढ़ गई है. उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सभी विभागों और एजेंसियों को अलर्ट रहने को कहा है. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि दफ्तर में बैठने की बजाय सड़क पर काम करिए है. वहीं इससे पहले एनडीएमसी चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी ने जनता से सार्वजनिक माफी मांगी है.

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दिल्ली में भारी बारिश से कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं. (Photo-PTI) दिल्ली में भारी बारिश से कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं. (Photo-PTI)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:28 PM IST

दिल्ली में भारी बारिश के बाद जलभराव को लेकर प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सभी विभागों और एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जलभराव को आपदा की तरह लिया जाए. इसके लिए जमीनीस्तर पर काम किया जाए.

एलजी ने सभी विभागों और एजेंसियों के प्रमुखों को मौके पर मौजूद रहने को कहा है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ कार्यालयों में बैठकर स्थिति की निगरानी न करें. अधिकारी खुद सड़कों पर रहें. राहत और बचाव के काम पर नजर रखें. जलभराव वाले इलाकों में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखें.

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दरअसल, दिल्ली-NCR में बारिश आफत बनकर बरसी है. कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं, अंडरपास तालाब में तब्दील हो गए. कई इलाकों में जगह-जगह लंबा ट्रैफिक जाम लगा. दिल्ली से गुरुग्राम और नोएडा तक लोगों को जलभराव और जाम की दोहरी मार झेलनी पड़ी है.

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एलजी ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंप लगाने का काम तेज करने को कहा है. उनका कहना है कि पानी जमा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से तैयारी मजबूत होनी चाहिए. ऐसे इंतजाम किए जाएं कि बारिश के दौरान सड़कों पर पानी ज्यादा देर तक न रुके.

तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि उनका कार्यालय पूरी स्थिति पर करीबी नजर रखेगा. बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर सभी विभागाध्यक्षों को व्यक्तिगत रूप से मौके पर रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करनी होगी. राहत और बचाव के साथ ट्रैफिक और दूसरी जरूरी सेवाओं पर भी ध्यान देना होगा.

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एलजी ने अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतों पर भी तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से सामने आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने को कहा गया है. लोगों की समस्याओं का वास्तविक समय में समाधान करने पर जोर दिया गया है.

प्रशासन से कहा गया है कि किसी भी इलाके में जलभराव की सूचना मिलने पर टीम को जल्द मौके पर भेजा जाए. लोगों को राहत देने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखा जाए.

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एनडीएमसी चेयरपर्सन ने मांगी सार्वजनिक माफी

इस पहले बुधवार सुबह एनडीएमसी के चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी ने जलभराव को लेकर जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की. उन्होंने 25 अगस्त को एनडीएमसी क्षेत्र में जलभराव से परेशान हुए लोगों से तहे दिल से माफी मांगी.

मनोज द्विवेदी ने कहा कि आमतौर पर एनडीएमसी 15 से 20 मिनट में पानी निकाल देती है. लेकिन इस बार स्थिति अलग रही. उन्होंने कहा कि तीन से चार इलाकों में पानी पूरी तरह निकलने में एक घंटे से ज्यादा समय लगा. इससे लोगों को काफी परेशानी हुई.

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दो घंटे से कम समय में 72 मिमी से ज्यादा बारिश

एनडीएमसी चेयरपर्सन ने बताया कि दो घंटे से भी कम समय में 72 मिमी से ज्यादा बारिश हुई. इतनी कम अवधि में इतनी ज्यादा बारिश को उन्होंने अप्रत्याशित बताया. हालांकि, उन्होंने इसे अपनी जिम्मेदारी से बचने का बहाना नहीं माना.

उन्होंने कहा कि यह कोई बहाना नहीं हो सकता. भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सिस्टम को और मजबूत करना होगा. प्रशासन को अपनी तैयारियों की समीक्षा करनी होगी. कम समय में होने वाली तेज बारिश से निपटने की क्षमता बढ़ानी होगी.

मनोज द्विवेदी ने नागरिकों को भरोसा दिया है कि एनडीएमसी क्षेत्र को जलभराव से मुक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे. इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जाएगा. जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा.

एनडीएमसी चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी ने  आम लोगों से भी सुझाव मांगे हैं. उनका कहना है कि नागरिकों के सुझावों से व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है. प्रशासन का लक्ष्य है कि भविष्य में लोगों को जलभराव के कारण ऐसी परेशानी न उठानी पड़े.

मनोज द्विवेदी के सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के कदम की सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सराहना की है. लोगों का कहना है कि जिम्मेदारी स्वीकार करना प्रशासन में जवाबदेही की अच्छी मिसाल है.

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