सत्य निकेतन हादसे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अपनी 'स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स' (SDRF) गठित करने की योजना बनाई है. नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में SDRF के गठन को लेकर फैसला लिया गया.
इस योजना के तहत दिल्ली में लगभग 1,100 जवानों की एक SDRF बटालियन गठित की जाएगी. SDRF के इन जवानों को आपदा प्रबंधन, राहत अभियानों और आपातकालीन बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को भी विशेष आपदा-प्रतिक्रिया प्रशिक्षण दिया जाएगा.
सरकार का उद्देश्य है कि भूकंप, बाढ़, इमारत ढहने या अन्य आपदाओं की स्थिति में दिल्ली में तत्काल स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके.
यह भी पढ़ें: सत्य निकेतन हादसा: दिल्ली हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर होंगे लंबित केस
बता दें, दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को इमारत हादसा देखने को मिला. इस हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन मोड में आ गई है. अब MCD ने ढही हुई इमारत से बिल्कुल सटी दूसरी बहुमंजिला बिल्डिंग को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके साथ ही दिल्ली के कई इलाकों में भी अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया है.
सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने अवैध निर्माण और खतरनाक पीजी इमारतों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है. टीमों ने मुखर्जी नगर, जनकपुरी, लक्ष्मी नगर, उत्तम नगर और पांडव नगर जैसे इलाकों में ध्वस्तीकरण किया है.
सुशांत मेहरा