राजधानी दिल्ली में तेज बारिश के दौरान जलभराव के बीच 14 साल के छात्र की करंट लगने से मौत हो गई. दर्दनाक हादसा द्वारका जिले के बिंदापुर थाना क्षेत्र के नंदराम पार्क में शुक्रवार शाम हुआ. मृतक की पहचान कौशल के रूप में हुई है, जो आठवीं कक्षा में पढ़ता था. बताया जा रहा है कि वह अपनी बुआ के घर जा रहा था.
दरअसल, शुक्रवार शाम इलाके में तेज बारिश हो रही थी. बारिश की वजह से नंदराम पार्क की गलियों में पानी भर गया था. इसी दौरान कौशल वहां से गुजर रहा था. तभी उसके पास से एक बाइक निकली. पानी में बाइक के छींटों और टक्कर से बचने के लिए कौशल पीछे हटा और सहारे के लिए बिजली के खंभे के साथ लगे लोहे के पाइप को पकड़ लिया.
यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी, कई इलाकों में जलजमाव
बताया जा रहा है कि इस पाइप के भीतर अर्थिंग की तार थी. पाइप पकड़ते ही कौशल को जोरदार करंट लगा और वह उससे चिपक गया. पास में बैठी एक बुजुर्ग महिला ने घटना देखी तो वह शोर मचाने लगी. आवाज सुनकर स्थानीय लोग दौड़कर पहुंचे और लकड़ी के डंडे की मदद से बच्चे को पाइप से अलग किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
अस्पताल ले जाने से पहले हो गई मौत
स्थानीय लोगों ने कौशल को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. कौशल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. उसकी छह साल की छोटी बहन भी है. परिवार के लिए इस हादसे ने जिंदगी भर का गम दे दिया है.
परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग तथा सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इलाके में बारिश होते ही गलियों में पानी भर जाता है. इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों के मुताबिक बिना बारिश के भी कई बार सीवर का पानी गलियों में जमा रहता है. उनका कहना है कि अगर सड़क पर पानी नहीं भरा होता तो कौशल को बचने के लिए बिजली के पाइप का सहारा लेने की जरूरत नहीं पड़ती.
मृतक की मां ने कहा कि कौशल उनका अकेला बेटा था और अब वह किसके सहारे जिंदगी बिताएंगी. उन्होंने बताया कि वह खुद भी बीमार रहती हैं. मां के मुताबिक गली में पानी भरा था और पीछे से बाइक आ रही थी. बाइक से बचने के लिए उनके बेटे ने लोहे के खंभे को पकड़ा और उसे करंट लग गया. उन्होंने इस हादसे के लिए सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया.
‘बुआ के घर दाल-चावल खाने जा रहा हूं’
कौशल की बुआ ने बताया कि उनका भाई कमलेश इस घटना से पूरी तरह टूट गया है. उन्होंने कहा कि उनका भतीजा उनके घर ही आ रहा था. पूरी गली पानी से भरी हुई थी और बचने के लिए उसने खंभा पकड़ लिया. बुआ के मुताबिक, कौशल घर से निकलते समय अपनी मां से कहकर आया था कि वह बुआ के घर दाल-चावल खाने जा रहा है.
घटना की प्रत्यक्षदर्शी बुजुर्ग महिला ने बताया कि बच्चा पानी के बीच से जा रहा था. अचानक एक बाइक आई तो वह पीछे की तरफ हटा. बचने के लिए जैसे ही उसने खंभा पकड़ा, वह पीछे की ओर गिर गया. महिला के मुताबिक स्थानीय लोगों ने लकड़ी के फट्टे की मदद से उसे बिजली के संपर्क से अलग किया, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी.
हादसे के बाद परिवार से मिलने स्थानीय पार्षद और भाजपा विधायक के नहीं पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी है. वहीं, कांग्रेस के पूर्व विधायक मुकेश शर्मा परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और घटना के लिए स्थानीय प्रशासन तथा सरकार को जिम्मेदार ठहराया.
कांग्रेस नेता ने की हत्या का केस दर्ज करने की मांग
मुकेश शर्मा ने कहा कि उन्हें घटना का बेहद दुख है, लेकिन इससे ज्यादा चिंता इस बात की है कि अभी तक कोई जनप्रतिनिधि परिवार के दुख में शामिल होने नहीं पहुंचा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में बिजली कंपनी के साथ दिल्ली सरकार की भी लापरवाही है. उनका कहना है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए.
कांग्रेस नेता ने सरकार और बिजली कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने के साथ पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए. परिवार भी लगातार इंसाफ और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है.
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी. हादसे ने एक बार फिर बारिश के दौरान दिल्ली की जलभराव और बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मनोरंजन कुमार