दिल्ली के ओखला फेज-1 स्थित D-23 में आज सुबह करीब 10 बजकर 43 मिनट पर ऑक्सीजन सिलेंडर में जोरदार ब्लास्ट हुआ. इस हादसे में SM Traders के कर्मचारी मोहित सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य कर्मचारी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया. सूचना मिलते ही पुलिस टीम और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और राहत, बचाव व जांच का काम शुरू कर दिया गया.
घटना की जानकारी DD नंबर 36A के जरिए थाना ओखला इंडस्ट्रियल एरिया को मिली. सूचना के फौरन बाद जांच अधिकारी, थाना प्रभारी, ACP, ERV और PCR की टीमें मौके पर पहुंचीं. जांच में सामने आया कि D-23 परिसर का इस्तेमाल SM Traders नाम की फर्म गोदाम के तौर पर करती है.
हादसे के वक्त एक टाटा 407 गाड़ी, जिसका नंबर DL-1LAJ-3232 है और जो SM Traders के नाम पर रजिस्टर्ड है, गाजियाबाद से कमर्शियल ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर परिसर पर पहुंची थी. उमेश, मोहित और पंकज नाम के कर्मचारी सिलेंडर उतारने और गोदाम के अंदर रखने का काम कर रहे थे.
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फर्म के मैनेजर के शुरुआती बयान के मुताबिक, गाड़ी रोज की तरह सुबह सिलेंडर लेकर पहुंची थी और उन्हें उतारने का काम चल रहा था. इसी दौरान एक सिलेंडर गाड़ी से गिरकर सड़क पर आ गिरा, जिसके तुरंत बाद उसमें ब्लास्ट हो गया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि सिर्फ एक ही सिलेंडर फटा. ब्लास्ट की असली तकनीकी वजह अभी साफ नहीं हो पाई है और इसका पता फोरेंसिक जांच के बाद ही चल पाएगा.
हादसे में 35 साल के मोहित सिंह, जो जयपुर के रहने वाले थे और करीब तीन साल से इस फर्म में हेल्पर का काम कर रहे थे, की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं उमेश, अरविंद, मनोज और पंकज नाम के चार कर्मचारी घायल हुए, जिन्हें तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया. उनकी पहचान और मेडिकल स्थिति की पुष्टि की जा रही है.
जांच में यह भी पता चला कि SM Traders GST में रजिस्टर्ड फर्म है और करीब एक-दो साल से किराए के इस परिसर में काम कर रही है. यहां तीन-चार लोग काम करते हैं. फर्म का काम ऑक्सीजन सिलेंडर की ट्रेडिंग और स्थानीय सप्लाई का है. परिसर पर सिलेंडर भरने का कोई प्लांट नहीं है, बल्कि सिलेंडर गाजियाबाद से राम अवतार नाम के सप्लायर के जरिए भरे हुए मंगाए जाते हैं और फिर ओखला इलाके के व्यापारियों व फैक्ट्रियों को सप्लाई किए जाते हैं.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक रोजाना करीब 70 से 80 सिलेंडर हैंडल किए जाते हैं, हालांकि यह आंकड़ा अभी फर्म के रिकॉर्ड से जांचा जाना बाकी है. सिलेंडरों के मालिकाना हक, सप्लाई सोर्स, सप्लायर की साख और जरूरी लाइसेंस से जुड़ी जानकारी की भी जांच जारी है. मौके को सुरक्षित कर दिया गया है और आगे की जांच चल रही है.
हिमांशु मिश्रा / अरविंद ओझा