बीजेपी को मिली MCD स्टैंडिंग कमेटी की 18वीं सीट, AAP के बहिष्कार के बीच 115 वोटों से जीते सुंदर सिंह

दिल्ली नगर निगम में एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी चुनाव की आखिरी सीट पर बीजेपी शानदार जीत दर्ज की है. बीजेपी पार्षद सुंदर सिंह को 115 वोट मिले.

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जीत के बाद खुशी मनाते बीजेपी पार्षद सुंदर सिंह और अन्य. जीत के बाद खुशी मनाते बीजेपी पार्षद सुंदर सिंह और अन्य.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

दिल्ली नगर निगम में एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी चुनाव की आखिरी सीट पर बीजेपी शानदार जीत दर्ज की है. बीजेपी पार्षद सुंदर सिंह को 115 वोट मिले. 18वीं आखिरी सीट पर हुए इस चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया.

एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी की 18वीं आखिरी सीट के लिए अतिरिक्त आयुक्त जितेंद्र यादव की अध्यक्षता में चुनाव हुआ, जिन्हें मेयर और डिप्टी मेयर की अनुपस्थिति में प्रेजाइडिंग ऑफिसर बनाया गया. इस चुनाव परिणाम के साथ ही बीजेपी को स्टैंडिंग कमेटी में बहुमत हासिल कर लिया है. कमेटी के 18 सदस्यों में भाजपा के पास पैनल में 10 सदस्य हैं और जबकि सत्तारूढ़ के पास केवल आठ सदस्य हैं. ये सीट भाजपा पार्षद कमलजीत सहरावत के पश्चिमी दिल्ली से लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद सीट खाली हुई थी. 

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आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को दोपहर एक बजे होने वाले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) स्थायी समिति के चुनाव को ‘‘असंवैधानिक और अवैध’’ करार दिया था.

LG ने पलटा मेयर का आदेश

बता दें कि पहले दिल्ली की मेयर शैली ओबेरॉय ने गुरुवार को पार्षदों की तलाशी के दौरान हुए व्यवधान के कारण चुनाव को 5 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया था. लेकिन बाद में एलजी के निर्देश के बाद एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार ने 27 सितंबर को दोपहर 1 बजे स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य का चुनाव कराने का आदेश जारी किया था.

केजरीवाल ने साधा निशाना

आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली नगर निगम पर गलत तरीके से कब्जा कर लिया है और जनादेश चुरा लिया है, जब भगवा पार्टी ने नगर निकाय की स्थायी समिति की आखिरी खाली सीट जीत ली थी.

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दिल्ली विधानसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि नियमों के मुताबिक केवल मेयर ही एमसीडी सदन की बैठक बुला सकते हैं लेकिन उपराज्यपाल ने इसे बदल दिया और नगर निकाय के अतिरिक्त आयुक्त को ऐसा करने का निर्देश दिया. "क्या यह चुनाव है?" उन्होंने पोज़ दिया और भाजपा पर "गुंडागर्दी" का सहारा लेने का आरोप लगाया.

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि नियम के मुताबिक बैठक से 72 घंटे पहले हर पार्षद को नोटिस भेजना होता है, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया. चुनाव में बीजेपी के सुंदर सिंह को बीजेपी पार्षदों के सभी 115 वोट मिले, जबकि आप की निर्मला कुमारी को एक भी वोट नहीं मिला.

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