बिहार: जनता के पैसों से विधायकों को मिले महंगे तोहफे

बिहार विधानमंडल में शुक्रवार को शिक्षा विभाग की ओर से सदस्यों को उपहार के तौर पर महंगी चीजें दी गईं.

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ब्रजेश मिश्र

  • पटना,
  • 18 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से दोनों सदनों के सदस्यों को महंगे तोहफे जैसे मोबाइल फोन, माइक्रोवेव ओवेन, सूटकेस दिए जाने से प्रदेश की नीतीश कुमार सरकार की आलोचना हो रही है. बिहार विधानमंडल में शुक्रवार को शिक्षा विभाग की ओर से सदस्यों को उपहार के तौर पर ये चीजें दी गईं.

चाहे वह सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से विधायकों और विधान पाषर्दों के बीच उपहार स्वरूप बांटे गए मंहगे ट्रॉली बैग को खुशीपूर्वक खींचते हुए और माईक्रोवेव ओवेन, सूटकेस आदि को अपने-अपने वाहनों में रखते हुए देखा गया.

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शिक्षा मंत्री ने बताई गिफ्ट देने की वजह
शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी से उनके विभाग द्वारा सदन के सदस्यों को माइक्रोवेव दिए जाने के पीछे तर्क पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विधायकों को माइक्रोवेव अपने-अपने क्षेत्रों में मिड-डे-मील के तहत परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता की जांच अपने घरों में उसे गर्म कर और टेस्ट करने के लिए दिया गया है.

जब उनसे पूछा गया कि सरकार एक तरफ आर्थिक तंगी के कारण शिक्षकों को उनका वेतन समय पर नहीं दे पा रही है, ऐसे में विभाग द्वारा विधायकों और पाषर्दों को ऐेसे तोहफे देना कहां तक तर्कसंगत है, चौधरी ने कहा कि इस पर ज्यादा खर्च नहीं आता इसलिए इसे अन्य विषयों से जोडा जाना न्यायोचित नहीं है.

तेजस्वी ने कहा- यह पुरानी परंपरा है
उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह पुरानी परंपरा है और विधायक आर्थिक रूप से उतने सामर्थ्यवान नहीं हैं, ऐसे में उन्हें माइक्रोवेव ओवेन दिए जाने से उनकी मदद होगी. उल्लेखनीय है कि पिछले साल भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं सहित अन्य समस्याओं से जूझने के बावजूद प्रदेश के 19 विभागों ने बिहार विधानमंडल बजट सत्र के दौरान विधायकों और विधान पाषर्दों के बीच महंगे तोहफे यथा मोबाईल फोन, टेबलेट और घडियां बांटे थे, जो गत वर्ष 22 अप्रैल को समाप्त हुआ था.

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बीते वर्ष विधायकों और विधान पाषर्दों के बीच बांटे गए तोहफों में पथ निर्माण विभाग द्वारा दिया गया दस हजार रूपये का सैमसंग मोबाइल, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिया गया टैबलेट, शिक्षा एवं पर्यटन विभाग द्वारा दी गई मंहगी घड़ियां, उद्योग विभाग द्वारा साड़ी और शर्ट के साथ जूट का बैग शामिल था.

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