कॉलेज की पढ़ाई के बाद छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है—आगे क्या? नौकरी की तैयारी करें, अपनी स्किल्स पर काम करें या किसी आइडिया को स्टार्टअप में बदलें? बदलते जॉब मार्केट में डिग्री के साथ स्किल्स, इंडस्ट्री की समझ और सही करियर गाइडेंस की जरूरत भी बढ़ी है।
देहरादून स्थित देव भूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी (DBUU) में छात्रों को इसी बदलते दौर के लिए तैयार करने पर काम किया जा रहा है। प्लेसमेंट की तैयारी से लेकर स्किल डेवलपमेंट, इंडस्ट्री एक्सपोजर और स्टार्टअप तक, विश्वविद्यालय में छात्रों को अलग-अलग करियर विकल्पों से जोड़ने के लिए कई गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
देव भूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी (DBUU) में Engineering, Management, Pharmacy, Hotel Management, Nursing, Allied Sciences, Law, Agriculture, Design और Journalism सहित अलग-अलग क्षेत्रों में प्रोग्राम संचालित किए जाते हैं। छात्रों को नौकरी के अवसरों से जोड़ने में विश्वविद्यालय का कॉर्पोरेट रिसोर्स सेंटर (Corporate Resource Centre-CRC) अहम भूमिका निभाता है।
वर्ष 2026 में छात्रों को 44.4 लाख रुपये वार्षिक तक का उच्चतम पैकेज (Highest Offered CTC) प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय के कॉर्पोरेट नेटवर्क से 850 से अधिक प्रमुख कंपनियां जुड़ी हैं, जिनमें 100 से ज्यादा मल्टीनेशनल कंपनियां (MNCs) भी शामिल हैं। विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट रिकॉर्ड करीब 80 प्रतिशत रहा है। वहीं, DBUU का एलुमनाई नेटवर्क 22,000 से अधिक पूर्व छात्रों का है, जो देश-विदेश की अलग-अलग कंपनियों और संस्थानों में काम कर रहे हैं।
कैंपस से करियर तक: कॉर्पोरेट रिसोर्स सेंटर (CRC) की अहम भूमिका
कॉर्पोरेट रिसोर्स सेंटर (Corporate Resource Centre-CRC) छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार करने और उन्हें प्लेसमेंट व करियर के अवसरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। CRC कंपनियों से संपर्क कर कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करता है और एप्टीट्यूड टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन (GD) व इंटरव्यू जैसी चयन प्रक्रियाओं में छात्रों और कंपनियों के बीच समन्वय ( Coordinate) करता है।
इसके साथ ही HR Summit, guest lecture और industry interaction के जरिए CRC छात्रों को industry experts से जोड़ता है। इससे छात्रों को कंपनियों की जरूरतों, जॉब मार्केट और नए करियर अवसरों को समझने में मदद मिलती है।
नौकरी की तैयारी को फाइनल ईयर तक सीमित न रखते हुए DBUU में प्लेसमेंट और स्किल ट्रेनिंग की शुरुआत पहले साल से की जाती है। पहले वर्ष में कम्युनिकेशन, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और इंटरपर्सनल स्किल्स पर फोकस रहता है। दूसरे वर्ष में 40 घंटे की वैल्यू-एडेड ट्रेनिंग (Value-Added Training) और तीसरे वर्ष में 80 घंटे की एप्टीट्यूड ट्रेनिंग (Aptitude Training) दी जाती है।
इसके अलावा, ‘कैंपस टू कॉर्पोरेट’ (Campus to Corporate) प्रोग्राम के जरिए छात्रों को इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से जुड़ने का मौका मिलता है। इन सेशन में उन्हें कंपनी के वर्क कल्चर, जॉब की जरूरतों और इंडस्ट्री में काम करने के तरीके की जानकारी दी जाती है। इससे छात्रों को डिग्री पूरी होने से पहले ही जॉब मार्केट की जरूरतों को समझने का अवसर मिलता है।
प्लेसमेंट ड्राइव से पहले छात्रों की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए DBUU में ‘मंथन’ (Manthan) नाम से प्री-प्लेसमेंट प्रोग्राम आयोजित किया जाता है। यह प्रोग्राम प्लेसमेंट ड्राइव से पहले छात्रों को जॉब और इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर फोकस करता है। ‘मंथन’ (Manthan) के तहत छात्रों की टेक्निकल स्किल्स, प्रैक्टिकल स्किल्स, एप्टीट्यूड (Aptitude), और कम्युनिकेशन स्किल्स पर काम किया जाता है। इसके साथ प्रैक्टिकल असेसमेंट (Practical Assessment), इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत और करियर गाइडेंस के जरिए उन्हें भर्ती प्रक्रिया (Recruitment Process) के अलग-अलग चरणों (steps) को समझने का मौका मिलता है। इससे वे जान पाते हैं कि प्लेसमेंट के दौरान कंपनियां उम्मीदवारों में किन स्किल्स को देखती हैं और इंटरव्यू से लेकर जॉब तक किस तरह की तैयारी की जरूरत होती है।
TCS, Infosys, Wipro, Accenture, Federal Bank, Capgemini और Deloitte जैसी प्रमुख कंपनियां DBUU के रिक्रूटमेंट नेटवर्क का हिस्सा हैं। अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों से जुड़ाव के जरिए DBUU Placement के तहत छात्रों को अपनी स्किल्स और रुचि के अनुसार विभिन्न करियर अवसरों से जुड़ने का मौका मिलता है। इससे छात्रों के सामने अलग-अलग सेक्टरों और जॉब प्रोफाइल में करियर के विकल्प उपलब्ध होते हैं।
प्री-प्लेसमेंट टॉक (Pre-Placement Talk) के जरिए छात्रों को कंपनी के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने और संबंधित जॉब प्रोफाइल व भर्ती प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलता है। वहीं, ट्रेनिंग और Summer Internship के जरिए छात्र पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री के कामकाज, वर्क कल्चर और जॉब के लिए जरूरी स्किल्स को समझ सकते हैं।
DBIIF: नौकरी के साथ स्टार्टअप भी करियर का विकल्प
AI, ऑटोमेशन (automation) और नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ जॉब मार्केट की जरूरतें भी बदल रही हैं। ऐसे में DBUU छात्रों को पढ़ाई के साथ स्किल डेवलपमेंट, इंडस्ट्री एक्सपोजर और करियर के अलग-अलग विकल्पों से जोड़ने पर ध्यान दे रहा है। CRC, Manthan और DBIIF जैसी पहलों के जरिए छात्रों को प्लेसमेंट से लेकर स्टार्टअप तक आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
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