देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू फैल गया है. लगातार नए मामले बढ़ रहे हैं. इसको देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट मोड पर है. सभी अस्पतालों को आईसोलोशन बेड तैयार करने के आदेश दिए गए हैं. इस बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया है कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए किसको वैक्सीन की जरूरत है और कि लोगों को इसका टेस्ट कराना चाहिए. आईसीएमआर ने ये भी बताया है कि ज्यादा खतरा किसको है.
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बताया कि देश में अभी जो H1N1 फैल रहा है, वह कोई नया स्ट्रेन नहीं है. यह वही मौसमी फ्लू है, जो हर साल अलग-अलग समय पर लोगों को संक्रमित करता है. डॉ. बहल के मुताबिक, देश में इन्फ्लूएंजा ए और बी दोनों की मौजूदगी देखी जा रही है. इनमें इन्फ्लूएंजा ए का H1N1 सबसे ज्यादा पाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हर साल फ्लू वायरस में छोटे-छोटे बदलाव होते हैं. इन बदलावों की वजह से वायरस लोगों को संक्रमित करता रहता है. इस बार भी ऐसा ही सामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है. यह कोई नया H1N1 स्ट्रेन नहीं है और इससे किसी अलग तरह की बीमारी होने की आशंका नहीं है.
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हर किसी को फ्लू की वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं
ICMR ने फिलहाल सभी लोगों के लिए फ्लू वैक्सीन की सिफारिश नहीं की है. डॉ. बहल ने बताया कि ICMR ने भारत में फ्लू वैक्सीन की लागत और फायदे को लेकर अध्ययन किया है. उनके मुताबिक, खास जोखिम वाले लोगों, विशेषकर 65 साल से अधिक उम्र के लोगों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को डॉक्टर से सलाह लेकर वैक्सीन लेने पर विचार करना चाहिए.
क्या बच्चों को फ्लू की वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए इस सवाल पर डॉ. बहल ने कहा कि बच्चों के लिए फ्लू वैक्सीन फिलहाल राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है और ICMR को इसे इसमें शामिल करने की जरूरत नहीं दिखती है.
हर मरीज को टेस्ट कराने की भी जरूरत नहीं
ICMR DG ने यह भी कहा कि फ्लू के हर मरीज का टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है उन्होंने कोविड महामारी के दौरान देश में हुए करीब 94 करोड़ टेस्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा फ्लू की स्थिति में हर व्यक्ति की जांच करना जरूरी नहीं है.
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इलाज में एंटीबायोटिक नहीं, जरूरत पर एंटीवायरल
फ्लू एक वायरल बीमारी है, इसलिए सामान्य मामलों में एंटीबायोटिक का कोई खास फायदा नहीं है. गंभीर बीमारी का खतरा रखने वाले मरीजों में डॉक्टर की सलाह पर एंटीवायरल दवा जैसे Oseltamivir (Tamiflu) दी जा सकती है.
ICMR के मुताबिक, 99 फीसदी से ज्यादा मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती. बीमार होने पर घर पर आराम करना, खांसते या छींकते समय मुंह ढकना और हाथ साफ रखना संक्रमण फैलने से रोकने में मदद करता है.
स्नेहा मोरदानी