दिल के लिए खतरा बन रहा माइक्रोप्लास्टिक, हार्ट अटैक का बन सकता है कारण, नई रिसर्च में दावा

इटली की University of Campania Luigi Vanvitelli की रिसर्च में पाया गया कि हार्ट अटैक से पीड़ित मरीजों के खून में माइक्रोप्लास्टिक या नैनोप्लास्टिक के कण मौजूद थे. ये कण सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाकर हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाते हैं.

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दिल तक पहुंच रहा माइक्रोप्लास्टिक दिल तक पहुंच रहा माइक्रोप्लास्टिक

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

माइक्रोप्लास्टिक अब हार्ट को भी नुकसान कर रहा है. इटली में हुई एक नई रिसर्च में यह दावा किया गया है. रिसर्च में पाया गया कि हार्ट अटैक से जूझ रहे मरीजों के खून में माइक्रोप्लास्टिक और नैनो प्लास्टिक के कण मिले हैं. सामान्य लोगों की तुलना में हार्ट अटैक के मरीजों में माइक्रोप्लास्टिक के कण ज्यादा मिले हैं. यह हार्ट अटैक आने का भी एक कारण हो सकते हैं. 

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इस रिसर्च को  जर्नल यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित किया गया है. इटली की University of Campania Luigi Vanvitelli के शोधकर्ताओं ने 61 मरीजों के ब्लड सैंपल लिए थे. इन 61 मरीजों के ब्लड सैंपलों से पता चला कि  गंभीर हार्ट अटैक वाले 84% मरीजों के खून में माइक्रोप्लास्टिक या नैनोप्लास्टिक थे. जिन लोगों को पहले से ही कोई हार्ट की बीमारी थी उनमें 40 फीसदी मरीजों में ये कण मिले थे. रिसर्च में यह भी पता चला कि जिन मरीजों के खून में प्लास्टिक मिला, उनमें 97% मामलों में पॉलीएथिलीन पाया गया था. यह वही प्लास्टिक है जिसका यूज पॉलीथिन बैग, प्लास्टिक बोतलों और पैकेजिंग में इस्तेमाल किया जाता है.

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माइक्रोप्लास्टिक हार्ट को कैसे कर रहे नुकसान

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यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च में बताया गया है कि माइक्रोप्लास्टिक शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का कारण बनता है. यह दोनों चीजें हार्ट अटैक के खतरे को और बढ़ा देती हैं. हालांकि, इस अध्ययन से यह साबित नहीं होता कि माइक्रोप्लास्टिक सीधे हार्ट अटैक का कारण बनते हैं. लेकिन यह जरूर पता चला है कि माइक्रोप्लास्टिक से हार्ट अटैक आने का रिस्क बढ़ रहा है.  

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अमेरिका की प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी डाइटिशियन मिशेल राउथेनस्टीन ने कहा कि यह रिसर्च माइक्रोप्लास्टिक और हार्ट डिजीज के बीच के संबंध का पता लगाने के लिए की गई थी. इसमें पता चला कि दिन के मरीजों के ब्लड सैंपल में माइक्रोप्लास्टिक मौजूद है. इससे यह पता चलता है कि ये हार्ट तक को नुकसान कर रहे हैं. हालांकि  अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि केवल माइक्रोप्लास्टिक ही हार्ट अटैक की वजह हैं, लेकिन इसको अब अलर्ट रहने की जरूरत है. 

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माइक्रोप्लास्टिक क्या होते हैं 

पैकेज्ड फूड, हवा में मौजूद धूल, सिंथेटिक कपड़ों से निकलने वाले रेशों में पाए जाते हैं. सांस के जरिए ये शरीर में पहुंच जाते हैं. बीते कुछ सालों में कई स्टडी हुई भी हैं जिनमें यह पता चला है कि माइक्रोप्लास्टिक इंसानों के खून और लंग्स में भी मिले हैं.एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इनसे पूरी तरह बचाव संभव नहीं मानते, लेकिन एक्सपोजर कम किया जा सकता है. इसके लिए जरूरी है कि किसी भी रूप में प्लास्टिक का कम से कम यूज करें 

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