ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत के सही कारणों का पता नहीं चला है.हालांकि पुलिस कई और पहलुओं से जांच कर रही है. ऐसे में सवाल है कि क्या ये सामान्य फूड पॉइजनिंग का मामला हो सकता है या इन मौतों के पीछे कोई दूसरे कारण है? इस बारे में हमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने अहम बातें बताई हैं. उन्होंने फूड पॉइजनिंग से मौते होने के खतरों और किसी जहर की आशंका पर भी डिटेल में बात की है.
ग्रेटर नोएडा में क्या हुआ था?
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में 17 अक्टूबर की सुबह एक ही परिवार के पांच सदस्य की मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक, परिवार के सदस्यों ने रात में नूडल्स और चाय पी थी. इसके बाद सभी सोने चले गए. शनिवार सुबह जब परिवार के सदस्यों को जगाने की कोशिश की गई, तो वे मृत मिले. चौंकाने वाली बात यह थे कि सब अपने बिस्तर पर जिस तरह से सोए थे वैसे ही मृत मिले. शुरुआत में आशंका जताई गई कि दूषित खाना खाने से परिवार की मौत हुई होगी. पुलिस, फॉरेंसिक टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की. घर में मिले खाद्य पदार्थों के पैकेट और बर्तनों से नमूने भी लिए गए. हालांकि, खाद्य सुरक्षा विभाग की शुरुआती जांच में खाने के पैकेट में कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली.
फूड पॉइजनिंग क्या होती है
इस बारे में राजीव गांधी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार ने Aajtak.in को बताया है. वह बताते हैं कि फूड पॉइजनिंग का मतलब है खराब खाना या पानी पीने से पेट में खतरनाक बैक्टीरिया का जाना और उसके बाद बीमार पड़ना. अगर खाना ठीक से नहीं पकाया गया है, लंबे समय तक गलत तापमान पर रखा गया है या उसे तैयार करते समय साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा गया है, तो उसमें बैक्टीरिया पनप जाते हैं. जो खाने के साथ पेट के अंदर जाते हैं. इससे फूड पॉइजनिंग होती है. जिसमें उल्टी, दस्त, पेट दर्द होता है. कुछ मामलों में शरीर में पानी की कमी हो सकती है.
क्या नूडल्स खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है?
हां, नूडल्स खाने से फड पॉइजनिंग हो सकती है, लेकिन इसकी वजह नूडल्स होना जरूरी नहीं है. असली खतरा तब होता है जब उनमें कोई खतरनाक बैक्टीरिया पनप गया हो. अगर पके हुए नूडल्स लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखे गए हैं या खाना बनाने में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा गया है, तो बीमारी का खतरा बढ़ सकता है, हांलांकि इसका मतलब यह नहीं है कि नूडल्स खाने से अपने आप फूड पॉइजनिंग होती है. ये तब होता है जब नूडल्स को साफ-सफाई के साथ तैयार नहीं किया गया हो.
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क्या नूडल्स खाने से सोते समय अचानक मौत हो सकती है?
इस बारे में डीडीयू अस्पताल के फॉरेंसिक डिपार्टमेंट में एचओडी डॉ. बीएन मिश्रा ने Aajtak.in को बताया है. वह कहते हैं कि नूडल्स या खाने की किसी दूसरी चीज से अगर फूड पॉइजनिंग होती है तो ऐसा नहीं है कि इसमें कोई लक्षण ही न दिखे. अधिकतर मामलों में फूड पॉइजनिंग होने पर उल्टी, दस्त और पेट दर्द होता ही है. कुछ लोगों में लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन सिर्फ लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि मौत का कारण क्या था.
डॉ मिश्रा ने बताया कि किसी व्यक्ति की सोने के बाद अचानक मौत हो जाए तो ऐसे मामलों की सभी पहलुओं से भी जांच जरूरी है. किसी खतरनाक जहर की आशंका को भी जांच में शामिल किया जाना चाहिए. हालांकि, कुछ तरह के जहर ऐसे होते हैं जो शरीर में गभीर लक्षण पैदा कर सकते हैं और कुछ मामलों में तबीयत तेजी से बिगड़ सकती है. ऐसे में केवल नूडल्स खाने के बाद मौत होने के आधार पर नूडल्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. मौत की असली वजह जानने के लिए अब विसरा टेस्ट बहुत जरूरी हो गया है. इससे ही वजह का पता चलेगा.
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विसरा टेस्ट से क्या पता चलेगा
डॉ. मिश्रा बताते हैं कि इस मामले में किसी जहर की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. लेकिन जहर दिया गया था या नहीं, यह जांच के बिना तय नहीं किया जा सकता. पुलिस को यह पता लगाना होगा कि परिवार ने रात में क्या-क्या खाया था, उनके शरीर में किसी जहर की मौजूदगी थी या नहीं और मौत किन परिस्थितियों में हुई. इसलिए ही इस मामले में अब विसरा की जांच बहुत अहम हो गई है. विसरा टेस्ट में पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित रखे गए ऑर्गन और टिश्यू को लैब में टेस्ट करके जहर, किसी केमिकल या धीमे जहर का पता आसानी से चल जाएगा. इससे ही मौत के असली कारण का भी पता चलेगा. हालांकि इस रिपोर्ट को आने में कुछ दिनों का समय लग सकता है.
अभिषेक पांचाल