सोशल मीडिया पर पोहे को लेकर कई तरह की बातें वायरल होती रहती हैं. कुछ इन्फ्लुएंसर कहते हैं कि पोहा खाना ठीक नहीं है. इसको खाने से शुगर लेवल बढ़ जाता है. डायबिटीज के मरीजों को तो ये खाना ही नहीं चाहिए, लेकिन क्या ये बातें सही हैं? पोहा सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक? इन सवाल पर हमने दिल्ली AIIMS के एंडोक्रोनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गावत से बात की, उन्होंने पोहा और शुगर लेवल के बारे में डिटेल में बताया है.
डॉ. राजेश कहते हैं कि अगर आप नाश्ते में पोहा खाते हैं और डायबिटीज के डर से इसे लेकर परेशान रहते हैं, तो डरें नहीं. पोहा चावल से भले ही बनता है, लेकिन सिर्फ इस वजह से इसे सेहत का दुश्मन मान लेना सही नहीं है. डॉ राजेश कहते हैं कि पोहा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसको खाते ही शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी.
असली बात है कितनी मात्रा में खा रहे हैं
डायबिटीज में किसी भी कार्बोहाइड्रेट वाले खाने की मात्रा बहुत मायने रखती है. यानी एक छोटी या सीमित मात्रा में पोहा खाना और एक बड़ी प्लेट पोहा खाना शरीर पर एक जैसा असर नहीं डालेगा. ये ध्यान रखें कि पोहा खाने से आपका शुगर लेवल बढ़ेगा ये जरूरी नहीं है, लेकिन इसको ज्यादा न खाएं. एक दिन में कई बार खाने की आदत न डालें. अगर आप सीमित मात्रा में खाते हैं तो आपको कभी कोई नुकसान नहीं होगा.
यह भी पढ़ें: बच्चों को क्यों होती है टाइप-2 डायबिटीज, नई वजह का चला पता, ये चीज बढ़ा देती है तीन गुना खतरा
पोहे में क्या मिलाते हैं, यह भी जरूरी
सिर्फ पोहे की मात्रा ही नहीं, उसे बनाने का तरीका भी मायने रखता है. पोहा बनाते समय उसमें सब्जियां, मूंगफली डालें. इसके साथ मीठी चाय, बिस्किट या कोई कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें. अगर ऐसे पोहा खाते हैं तो कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा बढ़ सकती है.
यह भी पढ़ें: डायबिटीज से बचना है तो सिर्फ रोज टहलना काफी नहीं! ये एक्सरसाइज भी जरूरी, रिसर्च में दावा
डायबिटीज में पोहा खाएं या नहीं?
डॉ. राजेश बताते हैं कि अगर सही तरीके से बनाया जाए और सीमित मात्रा में खाया जाए, तो डायबिटीज़ के मरीजों के लिए पोहा नाश्ते का एक हेल्दी ऑप्शन है. पोहा को डायबिटीज़ कंट्रोल करने वाली संतुलित डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है. सिर्फ डायबिटीज होने के डर की वजह से इसको पूरी तरह छोड़ना हिलकुल जरूरी नहीं है.
आजतक हेल्थ डेस्क