दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है. इस स्थिति में सिर्फ अस्थमा या सांस के मरीज ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोगों को भी हेल्थ बिगड़ने का रिस्क हो सकता है. किसी को लगातार खांसी होने लगती है, किसी का गला सूखने लगता है तो कुछ लोगों को सीढ़ियां चढ़ते समय भी सांस फूलने की शिकायत होने लगती है. सवाल यह है कि जब AQI 400 पार होता है, तो शरीर किस तरह संकेत देता है. इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
यशोदा मेडिसिटी हॉस्पिटल में रेस्पिरेटरी मेडिसिन डिपार्टमेंट में डॉ. अंकित भाटिया कहते हैं कि AQI का लेवल 400 से ऊपर होने का मतलब है कि हवा बहुत ज्यादा खराब हो गई है. इस दौरान हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक के कण, खासकर PM2.5, सांस के साथ शरीर के अंदर पहुंच सकते हैं. ये कण फेफड़ों के गहरे हिस्सों तक जाकर सूजन और जलन पैदा कर सकते हैं. इसका असर कई तरह के लक्षणों के रूप में दिखाई देता है. जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा और सीओपीडी जैसी बीमारी है उनको सीने में जकड़न, घरघराहट और सांस फूलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. अस्थमा के मरीजों में यह समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है. जो लोग हेल्दी हैं उनमें भी कुछ लक्षण दिख सकते हैं.
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आंखों में जलन और सिरदर्द भी हो सकता है
डॉ अंकित कहते हैं कि स्वस्थ लोगों में भी खांसी आना, गले में खराश की समस्या हो सकती है. दूसरी तरफ, प्रदूषण का असर सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता. आंखों में लालिमा, पानी आना, नाक में जलन, छींक और सिरदर्द की शिकायत भी हो सकती है. कुछ लोगों को थकान और बेचैनी महसूस होती है. ये लक्षण प्रदूषित हवा के संपर्क में आने के कुछ घंटों के भीतर भी शुरू हो सकते हैं.
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बचाव के लिए क्या करें?
लोगों को सलाह है कि सुबह और शाम की सैर करने से बचें. बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें. बाहर जाना पड़े तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें. घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें. अगर लगातार खांसी, सीने में जकड़न या सांस फूलने की परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लें.
आजतक हेल्थ डेस्क