जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच एक शख्स की खूब चर्चा रही. वो शख्स हैं जुनैद, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए खाना-पानी का खूब इंतजाम किया.
अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके जरिए कुछ लोगों का कहना है कि जुनैद के साले ने उनकी पूरी पोलपट्टी खोल दी है. इस वीडियो में एक तरफ जंतर मंतर वाले जुनैद की तस्वीरें नजर आती हैं, वहीं दूसरी तरफ एक आदमी कहता है कि ‘जुनैद’ उसका बहनोई लगता है और वो अपने पास अवैध हथियार रखता है, यहां तक कि धर्मांतरण और गौहत्या जैसे कामों में भी शामिल है.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “साले साहब को धन्यवाद, जो इसकी पोल खोल दी.” ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस वीडियो में जिस व्यक्ति की बात हो रही है, वो जंतर मंतर वाले जुनैद नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर के फुलत गांव के जुनैद हैं, जिन पर उनकी पूर्व पत्नी और साले ने धर्मांतरण के आरोप लगाए हैं.
कैसे पता की सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये ‘स्वामी यशवीर महाराज’ की 10 जुलाई की इंस्टाग्राम पोस्ट में मिला. पोस्ट के मुताबिक फुलत मदरसे में धर्मांतरण के आरोपी हफीजुर्रहमान के बेटे जुनैद के साले ने अपने जीजा पर धर्मांतरण का आरोप लगाया है.
इस जानकारी की मदद से सर्च करने पर हमें कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं जिनमें ये वीडियो देखा जा जा सकता है.
दरअसल, मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का है, जहां फुलत गांव में मदरसा दारुल उलूम रहिमिया के संचालक हफीजुर्रहमान अंसारी और उनके बेटे जुनैद पर धर्मांतरण रैकेट चलाने का आरोप है. वायरल हो रहा ये वीडियो भी इसी मामले से संबंधित है.
10 जुलाई को इस मामले में नया घटनाक्रम सामने आया. जुनैद की पूर्व पत्नी नाजिया और साले ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. वायरल हो रहा वीडियो उसी वक्त का है. दोनों ने आरोप लगाया कि जुनैद भी धर्मांतरण कराने में शामिल था. इसके अलावा नाजिया ने आरोप लगाया कि मदरसे में यौन शोषण को भी अंजाम दिया जाता था.
दैनिक भास्कर की 15 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने जुनैद को गिरफ्तार भी कर लिया था, और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया. रिपोर्ट में जुनैद की तस्वीर भी देखी जा सकती है, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि ये जंतर मंतर वाले जुनैद नहीं है.
अभिषेक पाठक