RSS प्रमुख मोहन भागवत अगस्त के अंत में कनाडा जाने वाले हैं. इसी को लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि वहां की सरकार ने RSS, यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगा दिया है.
भागवत 25 अगस्त को तीन देशों- यूएस, कनाडा और यूके की यात्रा पर जाएंगे. उनकी ये यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब RSS अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है.
एक फेसबुक यूजर ने इस बारे में लिखा, "बधाई हो कनाडा ने आरएसएस को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया." इसी तरह एक थ्रेड्स यूजर ने भी इस मैसेज को शेयर करते हुए तंज कसा, "तो भी डंका तो बज ही रहा है ना, हिन्दू राष्ट्र जिंदाबाद, हिन्दू स्थान जिंदाबाद".
वहीं, वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोग कनाडाई सरकार की आलोचना भी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि इस प्रतिबंध से RSS को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि कनाडा के RSS पर प्रतिबंध लगाने की बात पूरी तरह गलत है. खबर लिखे जाने तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
हुआ बस इतना है कि कनाडा की पार्टी NDP (New Democratic Party) की दो महिला सांसदों ने अपनी सरकार को पत्र लिखकर भागवत की यात्रा को रोकने, RSS पर प्रतिबंध लगाने और उसे आतंकी संगठन घोषित करने की मांग की है. उन्होंने RSS को एक चरमपंथी संगठन बताया है और चिंता जताई है कि भागवत के कनाडा आने से वहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत और हिंसा बढ़ सकती है. कुछ दिनों पहले कनाडा की 267 संस्थाओं ने भी यही मांग उठाते हुए पीएम मार्क कार्नी को पत्र लिखा था.
लेकिन हमें किसी भी विश्वसनीय न्यूज वेबसाइट पर RSS पर प्रतिबंध लगाए जाने जैसी कोई खबर नहीं मिली. कनाडा के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर भी ऐसी कोई जानकारी नहीं है.
हमने कनाडा के सुरक्षा संबंधी विभाग 'पब्लिक सेफ्टी कनाडा' की वेबसाइट पर मौजूद प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की लिस्ट भी देखी. इसमें भी कहीं RSS का नाम नहीं है.
साफ है, कनाडा में कुछ लोगों ने RSS पर प्रतिबंध लगने की मांग तो की है, लेकिन वहां की सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है.
फैक्ट चेक ब्यूरो