एक्ट्रेस और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी का राजनीति में ग्रेट कमबैक हुआ है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में नई कार्यकारिणी का ऐलान किया है, जिसमें स्मृति को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. ऐसे में 26 महीने बाद अमेठी की 'जायंट किलर' का वनवास खत्म हुआ है. 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले स्मृति के सामने राज्य में पार्टी को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी है. लेकिन क्या चुनावी जिम्मेदारियों की वजह से स्मृति के एक्टिंग करियर को फिर से बैकफुट पर जाना पड़ेगा?
2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हारने के बाद स्मृति ईरानी केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर हो गई थीं. लेकिन पॉलिटिक्स में एक्टिव रहीं. इस बीच स्मृति ईरानी ने पिछले साल जुलाई में सालों बाद टीवी पर कमबैक किया था. अपने कल्ट शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में वो तुलसी विरानी के रोल में नजर आई थीं. क्योंकि... के नॉस्टैल्जिया का जादू चला और शो सुपर डुपर हिट हुआ. शांति निकेतन की रौनक लोगों के दिल में बसी, तुलसी-मिहिर का प्यार जनता को भाया... शो ज्यादातर टॉप 5 शोज की लिस्ट में शुमार रहा. डेढ़ साल की 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की जर्नी सुपरहिट साबित हुई. तो क्या इस जर्नी में अब फुलस्टॉप लगने वाला है?
कमिटमेंट नहीं छोड़तीं स्मृति
ये सवाल शो के फैंस के बीच किया जा रहा है. हालांकि अभी शो की टीम और खुद स्मृति ने शो छोड़ने को लेकर कुछ नहीं कहा है. अनुमान ये भी है कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है. क्योंकि इससे पहले जब 2003 में स्मृति ने बीजेपी जॉइन की थी. वो उस वक्त शो में तुलसी विरानी का रोल प्ले कर रही थीं. 2004 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर चांदनी चौक से लोकसभा का इलेक्शन लड़ा था. लेकिन तब वो हार गई थीं. राजनीति और एक्टिंग में इस दौरान वो बैलेंस बनाकर चल रही थीं.
2007 में उन्होंने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' से कुछ समय के लिए ब्रेक लिया था. इस गैप में गौतमी कपूर ने उन्हें रिप्लेस किया था. बाद में स्मृति ने 2008 में एक्टिंग करियर को बाय-बाय कहा. इसी साल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' ऑफ एयर हुआ था. स्मृति ने एक्टिंग से दूरी बनाकर राजनीति पर फोकस किया.
लेकिन सबसे मजेदार बात ये है कि क्योंकि का पार्ट 2 पहले 2014 में लाने की प्लानिंग थी. शो की शूटिंग भी शुरू होने वाली थी. आखिरी वक्त पर स्मृति ने शो से बैकआउट किया था. एक इंटरव्यू में स्मृति ने बताया था कि 2014 में मेकर्स ने उन्हें कॉन्टैक्ट किया था. तभी उन्हें संसद में कैबिनेट मंत्री के रूप में चुना गया था. पीएमओ से उन्हें शपथ लेने के लिए कॉल आई थी.
मालूम हो, 2014 में स्मृति ने लोकसभा चुनाव में अमेठी से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा. ये चुनाव वो हारीं. फिर इसी साल नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद स्मृति ईरानी केंद्रीय मंत्री बनी. इसके बाद से वो राजनीति में छा गईं. 2019 के चुनाव में अमेठी सीट से राहुल गांधी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की.
स्मृति ईरानी अब 2027 के इलेक्शन में जनता के बीच पकड़ मजबूत करने उतर गई हैं. ऐसे में एक बार फिर उनका एक्टिंग करियर बैकसीट लेता दिख रहा है. अनुमान ये भी है कि एकता कपूर जल्द शो रैपअप कर सकती हैं. वैसे भी शोज की अनाउंसमेंट के वक्त एकता कपूर ने कहा था कि इस बार शो लॉन्ग टर्म में नहीं चलाया जाएगा. जबसे शो शुरू हुआ है इसके ऑफ एयर होने की कई बार खबरें आई हैं. हाल ही में शो में 10 साल का लीप आया है. शो के बंद होने की खबरों को मेकर्स ने कई बार ठुकराया है. देखते हैं स्मृति के राजनीति में पावरफुल कमबैक के बाद मेकर्स का क्या फैसला होता है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क