टीवी की मशहूर एक्ट्रेस नौशीन अली सरदार ने छोटे पर्दे की इंडस्ट्री में काम करने के हालात को लेकर खुलकर आवाज उठाई है. साल 2001 में सीरियल ‘कुसुम’ में लीड रोल निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली नौशीन ने सेट पर कलाकारों की बुनियादी सुविधाओं, लंबे काम के घंटों और पेमेंट में देरी को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
दो दशक से ज्यादा लंबे करियर में नौशीन टीवी और फिल्मों दोनों में काम कर चुकी हैं. हाल ही में वह ‘वसुधा’ में चंद्रिका सिंह चौहान के किरदार में नजर आई थीं. इसके अलावा वह ‘है ना बोलो बोलो’, ‘द एडवेंचर्स ऑफ हातिम’, ‘बीन बनूंगा घोड़ी चढ़ूंगा’, ‘अलादीन-नाम तो सुना होगा’ और ‘बरसातें-मौसम प्यार का’ जैसे शोज का हिस्सा रही हैं.
‘मैं किसी खास प्रोजेक्ट की बात नहीं कर रही’
अपने बयान को लेकर नौशीन ने पहले ही साफ कर दिया कि उनकी बात किसी एक शो या प्रोजेक्ट को निशाना बनाकर नहीं कही गई है. उन्होंने कहा कि वह एक प्रोफेशनल एक्टर हैं और कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के बाद स्क्रिप्ट या क्रिएटिव फैसलों में दखल नहीं देतीं. लेकिन सेट पर अमानवीय व्यवहार उन्हें बिल्कुल मंजूर नहीं है.
AC नहीं, ढंग का टॉयलेट नहीं... तो काम कैसे करें?
नौशीन ने कहा कि अगर किसी सेट पर जरूरत के मुताबिक AC नहीं है, ठीक से टॉयलेट की सुविधा नहीं है या लंच के लिए 15 मिनट का ब्रेक तक नहीं मिलता, तो यह स्वीकार नहीं किया जा सकता. उनका कहना है कि रोज 12 से 14 घंटे काम करना और महीने में करीब 25 दिन शूटिंग करना अपने आप में काफी मुश्किल है. ऐसे में अगर कलाकारों के साथ इंसानों जैसा व्यवहार भी न हो, तो बात शोषण तक पहुंच जाती है.
एक्ट्रेस ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि ऐसा माहौल उन्हें जानवरों या फैक्ट्री के गुलामों जैसा महसूस कराता है और वह इसका हिस्सा नहीं बनेंगी. नौशीन ने साफ कहा कि उनकी मानसिक शांति सबसे ज्यादा जरूरी है और हर कलाकार को काम की जगह पर सम्मान और बुनियादी गरिमा मिलनी चाहिए.
‘टीवी इंडस्ट्री में भी चाहिए तुकाराम IAS जैसा अफसर’
नौशीन ने टीवी इंडस्ट्री में कलाकारों के हितों की रक्षा के लिए एक रेगुलेटरी अथॉरिटी की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में उन्हें तुकाराम IAS अधिकारी जैसा कोई सख्त और ईमानदार अफसर चाहिए, जो कलाकारों के अधिकारों के लिए खड़ा हो और उनका शोषण रोक सके.
नौशीन ने कहा- हमें अपनी टीवी इंडस्ट्री में एक तुकाराम IAS अधिकारी चाहिए, जो एक्टर्स को फायदा पहुंचाए और उनके हितों की रक्षा करे. गुलामी की इजाजत नहीं होनी चाहिए. उन्होंने लंबे वर्किंग आवर्स और पेमेंट में देरी पर भी सवाल उठाया. एक्ट्रेस के मुताबिक, 15-18 घंटे काम करवाना या कलाकारों को समय पर पैसे न देना बिल्कुल नहीं होना चाहिए.
‘चैनल से प्रोड्यूसर और फिर एक्टर तक हो सीधा सिस्टम’
नौशीन के मुताबिक, टीवी इंडस्ट्री में कलाकारों को कई बार 90 से 120 दिन तक पेमेंट का इंतजार करना पड़ता है. और परेशानी तब और बढ़ जाती है जब कोई शो अचानक बंद हो जाता है और कलाकारों का पैसा अटक जाता है. उन्होंने इस व्यवस्था को बेहद अनुचित बताते हुए कहा कि कलाकार लंबे घंटे काम करते हैं, लेकिन मेहनत की कमाई महीनों बाद मिलती है.
नौशीन ने पेमेंट को लेकर एक आसान सिस्टम का सुझाव भी दिया. उनका कहना है कि अगर चैनल प्रोड्यूसर को भुगतान करता है, तो 45 दिनों के भीतर प्रोड्यूसर को कलाकार का पैसा दे देना चाहिए. नौशीन के मुताबिक, शो बंद होने के बाद अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए प्रोड्यूसर के पीछे भागना बेहद परेशान करने वाला है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क