कंट्रोवर्सी का दूसरा नाम पूनम पांडे हैं. वो जो कुछ भी करती हैं, उस पर विवाद होना लाजमी है. अब पूनम ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बात की है.
शुभोजित घोष के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि किंगफिशर कैलेंडर के लिए शूट करना उनके लिए एक बड़ा मौका था.
उन्हें लगा था कि इसके बाद उनका करियर अपने आप ऊपर उठेगा और उन्हें बॉलीवुड में बड़े प्रोजेक्ट्स मिलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में नए लोगों को पहचान मिलना मुश्किल होता है, खासकर जब बड़े नामों का दबदबा हो.
पूनम ने ये भी माना कि उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए कंट्रोवर्सी का सहारा लेना पड़ा. उन्होंने बताया कि उन्हें लगा कि सिर्फ अच्छा काम करने से पहचान नहीं मिलेगी.
पहचान बनाने और अच्छा काम पाने के लिए उन्होंने बोल्ड स्टेटमेंट्स और कंट्रोवर्सी का रास्ता चुना. लेकिन ये सब करके उन्हें कुछ खास हासिल नहीं हुआ.
पूनम पांडे को 2011 में वर्ल्ड कप के दौरान उनके एक बयान की वजह से रातोरात पहचान मिली. उन्होंने कहा था कि अगर भारत वर्ल्ड कप जीतेगा, तो वो स्टेडियम में कपड़े उतार देंगी.
पूनम ने बताया कि कैलेंडर गर्ल बनने के बाद भी उन्हें बॉलीवुड में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने कहा कि उन्हें कई फिल्म ऑफर्स मिलीं, लेकिन वो किसी भी प्रोजेक्ट को लेने से पहले सोचती थीं. उन्होंने 2013 में फिल्म ‘नशा’ से बॉलीवुड डेब्यू किया. पर उन्हें वो मुकाम नहीं मिला, जिसकी उन्हें चाहत थी. इसलिए अब वो लाइमलाइट में रहने के लिए तरह-तरह पैंतरे अपनाती रहती हैं.