पूर्व बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भले ही पार्टी से इस्तीफा देकर शोबिज में नई पारी शुरू की हो, लेकिन यहां भी वो अपनी राजनीति चमका रहे हैं. रियलिटी शो राइज एंड फॉल 2 में शहजाद के तीखे तेवर दिख रहे हैं. शो में एंट्री करते ही उन्होंने अपने विरोधी चुन लिए. हर एपिसोड में वो उन्हीं पर अटैक करते हैं.
उनकी स्वरा भास्कर, सिवेत तोमर और प्रियंका चाहर चौधरी संग भयंकर लड़ाई हुई है. लेकिन उनके मुद्दे शो के कम और बाहरी ज्यादा होते हैं. इसलिए दर्शकों का मानना है सहवाग का शो रियलिटी शो कम और राजनीतिक अखाड़ा ज्यादा लग रहा है.
शहजाद की 'राजनीति'
शो में शहजाद का गेम कम और उनकी डिबेट्स ज्यादा देखने को मिल रही हैं. फर्क बस इतना है कि पहले वो ये डिबेट टीवी चैनल्स या प्रेस कॉन्फ्रेंस में करते थे. अब वो रियलिटी शो में गेम से इतर बाहरी मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं. पहले दिन से वो सियासी मुद्दों पर ही बात कर रहे हैं. उनके डिस्कशन का सबसे बड़ा टॉपिक स्वरा भास्कर होता है. स्वरा जहां शहजाद को इग्नोर करती हैं. उनकी बातों पर रिएक्ट कम करती हैं.
वहीं शहजाद हर वक्त एग्रेशन में दिखे हैं. ऐसा लगता है मानो वो स्वरा से खार खाए बैठे हैं. बस एक मौका और वो स्वरा को घेरने लग जाते हैं. पेंटहाउस में होने वाली इन सियासी बातों ने रियलिटी शो का चार्म खत्म कर दिया है. क्योंकि एपिसोड की सारी लाइमलाइट शहजाद और उनके झगड़े लेकर चले जाते हैं.
रियलिटी शो में धर्म-जाति के उठे मुद्दे
शहजाद और स्वरा के बीच पुरानी राजनीतिक-वैचारिक तनातनी अक्सर कैमरे पर दिखती है. ऐसे में गेम का असली मकसद पीछे छूट रहा है. शहजाद का गेम टास्क, एलायंस और पावर तक सीमित नजर नहीं है. उनकी बातचीत में राजनीतिक मुद्दों का आना शो को भटका रहा है. शहजाद रियलिटी शो के गेम को पॉलिटिकल डिबेट की तरह खेल रहे हैं. स्वरा के बाद वो सिवेत तोमर के पीछे पड़े. उनकी जाति, धर्म, टैटू पर शहजाद ने कमेंट किया. स्वरा संग बात करने के लिए सिवेत को घेरा.
उन्हें याद दिलाया कि वो राजपूत समुदाय से आते हैं. फिर क्यों जौहर के खिलाफ बोलने वाली स्वरा से बात कर रहे हैं. बार-बार अपने धर्म, जाति पर कमेंट सुनने के बाद सिवेत ने तिलमिलाते हुए शहजाद पर अटैक किया. उन्होंने हाथापाई की. जिसके बाद सिवेत को शो से बाहर होना पड़ा.
शहजाद का गेम देख निराश फैंस
शहजाद की प्रोवोकिंग की कंटेस्टेंट्स ने निंदा की है. उन्होंने मेकर्स से शहजाद को भी बाहर निकालने को कहा है. सिवेत से लड़ने के बाद शहजाद की प्रियंका से लड़ाई हुई. अगर शहजाद का गेम यूं ही चलता रहा तो उनका शो में टिकना मुश्किल दिखता है. बाहर ऑडियंस भी उनके गेम को पसंद नहीं कर रही है. यूजर्स का कहना है शहजाद को बाहरी मुद्दों पर घर में डिबेट नहीं करनी चाहिए.
राइड एंड फॉल शो से जुड़े टॉपिक पर बात करनी चाहिए. शहजाद का ये रवैया शो को जरूर लाइमलाइट में ला रहा है, लेकिन शो की लॉयल फैंस निराश हुई है. क्योंकि वो एक माइंड और स्ट्रैटिजी बेस्ड शो देखने आए थे, ना कि किसी राजनीतिक दंगल को. कईयों का मानना है राइज एंड फॉल 2 देखकर बिग बॉस जैसी फीलिंग आती है. शहजाद जिस बैकग्राउंड से आते हैं, वहां बहस, बयान और विचारधारा आपकी पहचान को स्थापित करते हैं. लेकिन रियलिटी शो में राजनीतिक तेवर दिखाना उनके लिए फायदेमंद नहीं होगा.
दर्शक रूलर्स की रणनीति, वर्कर्स की चाल और पावर शिफ्ट देखना चाहते हैं. लेकिन शो का फोकस धर्म, विचारधारा और राजनीतिक गहमागहमी की ओर बढ़ गया है. ये पावर शिफ्ट ना ही शो के लिए अच्छ है और ना ही शहजाद के लिए. फैंस को उम्मीद है सहवाग वीकेंड में होने वाले पावर प्ले पर शहजाद को समझाएं कि ये कोई राजनीतिक अखाड़ा नहीं, बल्कि रियलिटी शो है. दर्शक इसे एंटरटेनमेंट के लिए देखते हैं. ना कि पॉलिटिकल एजेंडे और डिबेट्स के लिए.
हंसा कोरंगा