'दखल मत दो, हम देख लेंगे...', डॉन-3 कॉन्ट्रोवर्सी पर रणवीर का धाकड़ अंदाज

यह मामला शुरुआत में सिर्फ कास्टिंग में बदलाव तक सीमित दिखाई दे रहा था, वह अब बॉलीवुड के सबसे चर्चित इंडस्ट्री विवादों में बदल चुका है. 2023 में रणवीर सिंह को नए डॉन के रूप में घोषित किया गया था. लेकिन बाद में रणवीर ने इस फिल्म से अलग होने का ऐलान कर दिया.

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डॉन-3 विवाद पर क्या बोले रणवीर सिंह. (Photo: ITG) डॉन-3 विवाद पर क्या बोले रणवीर सिंह. (Photo: ITG)

सना फरज़ीन

  • मुंबई,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:44 PM IST

अभिनेता रणवीर सिंह ने इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) से कहा है कि वह 'डॉन 3' से उनके अलग होने को लेकर चल रहे विवाद से दूर रहे. रणवीर का कहना है कि यह मामला उनके और फिल्म के निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बीच का है और इंडस्ट्री की किसी संस्था को इसमें दखल नहीं देना चाहिए.

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यह घटनाक्रम रणवीर के पिता जगजीत सिंह भवनानी के IMPPA से मुलाकात करने और एक्सेल एंटरटेनमेंट की ओर से कथित तौर पर मांगे जा रहे 45 करोड़ रुपये के मुआवजे को चुनौती देने वाली याचिका सौंपने के कुछ दिनों बाद सामने आया है. IMPPA फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है. इसके बाद ही वह तय करेगी कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाए.

मामले से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, रणवीर अपने रुख पर कायम हैं कि किसी इंडस्ट्री संस्था को ऐसे विवाद पर फैसला नहीं करना चाहिए, जिसे वह मूल रूप से अपने और फिल्म निर्माताओं के बीच का मामला मानते हैं.

सूत्र ने कहा कि उनके वकीलों ने कहा है कि FWICE या IMPPA को इस मामले को नहीं संभालना चाहिए. यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. हालांकि, इंडस्ट्री में ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए यही संस्थाएं आगे आती हैं इसलिए उन्हें तय प्रक्रिया के मुताबिक चलना ही होगा.

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इस रुख ने रणवीर और IMPPA को दिलचस्प टकराव की स्थिति में ला दिया है. अभिनेता का खेमा मानता है कि यह विवाद सिर्फ उन पक्षों के बीच रहना चाहिए, जो कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा हैं. वहीं, निर्माताओं ने इस मामले को इंडस्ट्री संस्थाओं के पास पहुंचाया है, क्योंकि रणवीर के साथ सीधे तौर पर विवाद सुलझाने की उनकी कोशिशें नाकाम रही थीं.

इस बीच IMPPA के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने संस्था के हस्तक्षेप का बचाव किया है. उनका कहना है कि एसोसिएशन अपने अधिकार क्षेत्र और तय नियमों के तहत ही काम कर रही है. सिन्हा ने आज तक को बताया कि हम प्रोड्यूसर्स की संस्था हैं और हम तय कानूनों के मुताबिक काम कर रहे हैं. मैं रणवीर की ओर से नहीं बोल सकता, लेकिन हम कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों के वकील जब दस्तावेजों की जांच कर लेंगे, तब हम कोई फैसला लेने की स्थिति में होंगे. उन्हें अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन हम तय प्रोटोकॉल के मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं.

कैसे शुरू हुआ 'डॉन 3' का विवाद?

यह मामला शुरुआत में सिर्फ कास्टिंग में बदलाव तक सीमित दिखाई दे रहा था, वह अब बॉलीवुड के सबसे चर्चित इंडस्ट्री विवादों में बदल चुका है. 2023 में रणवीर सिंह को डॉन फ्रेंचाइजी की नई फिल्म में डॉन के तौर पर चुना गया था. फिल्म के तीसरे पार्ट का निर्देशन फरहान अख्तर करने वाले थे, जबकि रितेश सिधवानी और फरहान, एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले इसे प्रोड्यूस कर रहे थे.

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लेकिन दिसंबर 2025 तक रणवीर इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं रहे. उनके फिल्म से अलग होने की परिस्थितियों को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग रहे हैं. शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया कि रणवीर ने 'डॉन 3' से खुद किनारा कर लिया, क्योंकि रचनात्मक मतभेद, प्रोडक्शन में देरी और स्क्रिप्ट को लेकर चिंताएं जैसे मुद्दे सामने आए थे. हालांकि, उस समय रणवीर के करीबी सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया था कि अभिनेता ने फिल्म छोड़ी नहीं थी, बल्कि उनकी मांगों को लेकर मतभेद के बाद निर्माताओं ने उन्हें प्रोजेक्ट से हटा दिया था. इसके बाद यह विवाद पैसों के मामले में बदल गया.

एक्सेल एंटरटेनमेंट ने कथित तौर पर दावा किया कि प्रोजेक्ट के रुकने तक प्री-प्रोडक्शन पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे. इसमें विदेशों में लोकेशन तलाशने के लिए किए गए दौरे, होटल बुकिंग और बड़े क्रू के लिए की गई व्यवस्थाओं समेत कई खर्च शामिल बताए गए. बाद में FWICE ने भी निर्माताओं की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए इसी रकम का हवाला दिया.

निर्माताओं ने रणवीर से उन कथित नुकसान की भरपाई की मांग की, जो उनके मुताबिक अभिनेता के फिल्म से अलग होने के बाद हुए. मामला पूरी तरह इंडस्ट्री विवाद बनने से पहले दोनों पक्षों के बीच निजी तौर पर समझौते की कोशिश भी हुई थी.

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रणवीर के खेमे ने कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये तत्काल देने और एक्सेल के साथ भविष्य में होने वाले किसी प्रोजेक्ट में 25 करोड़ रुपये की छूट देने का प्रस्ताव रखा था. इस तरह प्रस्तावित समझौते की कुल कीमत 35 करोड़ रुपये बैठती थी. हालांकि, निर्माताओं ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया.

इसके बाद मामला प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पास पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए कई दौर की मध्यस्थता हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडस्ट्री के कई बड़े नामों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश की. इनमें आमिर खान, सलमान खान, करण जौहर, ऋतिक रोशन, आलिया भट्ट, अनिल कपूर, रोहित शेट्टी और राजकुमार हिरानी समेत कई हस्तियों के नाम सामने आए.

एक बैठक में रणवीर ने कथित तौर पर विस्तार से बताया कि उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ने का फैसला क्यों लिया. बातचीत में स्क्रिप्ट, फिल्म की रचनात्मक दिशा, बजट में बदलाव और प्रोडक्शन में हो रही देरी जैसी चिंताएं शामिल थीं. एक बैठक के दौरान रणवीर और निर्माता रितेश सिधवानी के बीच कथित तौर पर यह सवाल भी उठा कि अगर रणवीर की फिल्म 'धुरंधर' ब्लॉकबस्टर नहीं हुई होती, तो क्या वह 'डॉन 3' छोड़ने का फैसला लेते? हालांकि, इन तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच 45 करोड़ रुपये के वित्तीय विवाद का समाधान नहीं हो सका.

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जब मामला नहीं सुलझा तो फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) का रुख किया. वहां से शिकायत को फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के पास भेज दिया गया. मई में FWICE ने रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया. इसमें अपने सदस्यों से कहा गया कि वे 'डॉन 3' से कथित तौर पर आखिरी वक्त पर अलग होने के मामले में अभिनेता के साथ काम न करें.

इस कदम को व्यापक रूप से रणवीर पर 'बैन' के तौर पर बताया गया, हालांकि FWICE ने खुद स्पष्ट किया कि यह औपचारिक प्रतिबंध नहीं, बल्कि नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव था. इसके बाद रणवीर ने FWICE को कानूनी नोटिस भेजकर इस निर्देश और विवाद में संस्था के हस्तक्षेप के अधिकार पर सवाल उठाया.

जून में IMPPA, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के हस्तक्षेप के बाद FWICE ने अपना निर्देश वापस ले लिया. फेडरेशन ने कहा कि इसका मकसद दोनों पक्षों को निर्माताओं की संस्था के साथ बैठकर आपसी सहमति से समाधान निकालने का मौका देना था. हालांकि, निर्देश वापस लिए जाने के बावजूद 45 करोड़ रुपये का मूल विवाद खत्म नहीं हुआ.

FWICE का निर्देश वापस लिए जाने के बाद मामला एक बार फिर निर्माताओं की संस्थागत व्यवस्था में लौट आया. फरहान और रितेश ने IMPPA से औपचारिक शिकायत की और अपने 45 करोड़ रुपये के दावे से जुड़े दस्तावेज जमा किए. इसके बाद IMPPA ने रणवीर से इस मामले में अपना जवाब मांगा.

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इसके बाद रणवीर के पिता जगजीत सिंह भवनानी ने एसोसिएशन से मिलने पर सहमति जताई. उन्होंने IMPPA के अधिकारियों से मुलाकात की और एक्सेल एंटरटेनमेंट के 45 करोड़ रुपये के दावे का विरोध करते हुए अपनी याचिका जमा की. एसोसिएशन ने कहा कि उसकी कानूनी टीम आगे का फैसला लेने से पहले दोनों पक्षों की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों और सबूतों की जांच करेगी.

हालांकि, रणवीर के ताजा रुख से साफ है कि उनका खेमा IMPPA को इस विवाद का फैसला करने के लिए सही मंच नहीं मानता. इसी बीच रणवीर अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुके हैं. वह जॉम्बी-थ्रिलर 'प्रलय' में नजर आएंगे और इस फिल्म को अपनी प्रोडक्शन कंपनी मां कसम फिल्म्स के बैनर तले खुद भी प्रोड्यूस कर रहे हैं.

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