आखिरकार भारत को 2027 के लिए अपनी ऑस्कर एंट्री मिल गई है. फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुक्रवार, 18 सितंबर को घोषणा की कि संतोष दवखर द्वारा लिखित और निर्देशित मराठी थ्रिलर 'गोंधल' को 99वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है. यह फिल्म इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी.
पहली नजर में, 'गोंधल' महाराष्ट्र की एक पारंपरिक रस्म पर बनी फिल्म लग सकती है. लेकिन इसमें और भी बहुत कुछ है. फिल्म इस सांस्कृतिक बैकग्राउंड को एक उलझी हुई प्रेम कहानी, शादी, धोखे, जुनून और हत्या की योजना के साथ मिलाती है और दिलचस्प बात यह है कि ऑस्कर के लिए चुने जाने से पहले ही, यह फिल्म फेस्टिवल सर्किट में कई पुरस्कार जीत चुकी थी.
फिल्म 'गोंधल' किस बारे में है?
ग्रामीण महाराष्ट्र पर आधारित यह फिल्म सुमन (इशिता देशमुख) के इर्द-गिर्द घूमती है. उसकी शादी आनंद (योगेश सोहोनी) से हुई है, लेकिन उसकी शादीशुदा जिंदगी खुशहाल नहीं है. सुमन को साहेबराव (अनुज प्रभु) से प्यार है, जिसे मुरली के नाम से भी जाना जाता है और वह एक गोंधली कलाकार है. वह अपनी शादी से बाहर निकलना चाहती है और आखिरकार एक खतरनाक योजना बनाती है.
आनंद का चचेरा भाई सर्जेराव (निषाद भोइर) उस योजना का एक अहम हिस्सा बन जाता है. सुमन उसके जुनून और भावनाओं का इस्तेमाल करके उसे आनंद की हत्या करने के लिए उकसाती है, इस उम्मीद में कि इससे साहेबराव के साथ उसके भागने का रास्ता साफ हो जाएगा.
यह सब आधी रात को होने वाली गोंधल रस्म के दौरान होता है, जहां संगीत, नृत्य, भक्ति और अंधविश्वास सब एक साथ चल रहे होते हैं. तो, जहां बाहर रस्म चल रही होती है, वहीं परिवार के भीतर एक बिल्कुल अलग तरह का ड्रामा चल रहा होता है.
आखिर गोंधल क्या है?
गोंधल महाराष्ट्र की एक पारंपरिक लोक रस्म है. इसमें संगीत, नृत्य और कहानी कहने की कला का मेल होता है और इसे भक्ति के काम के तौर पर किया जाता है, खासकर शादी जैसे अहम मौकों पर. यह रस्म भवानी और खंडोबा जैसे देवी-देवताओं की पूजा से जुड़ी है और पारंपरिक रूप से इसमें पूरी रात गाना-बजाना और नृत्य होता है. वहीं लोक अनुष्ठानों में नंदी या पशु-मुखौटों का प्रयोग स्वांग रचने, देवी-देवताओं के गणों का प्रतिनिधित्व करने और प्रतीकात्मक कला प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है. जैसा कि पोस्टर-फिल्म में मेकर्स ने दिखाया था.
इस फिल्म में गोंधल का प्रदर्शन सिर्फ सजावट के लिए नहीं है. यह कहानी का मुख्य हिस्सा है. डायरेक्टर संतोष दवाखर ने इस कला के बारे में कहा है कि यह धीरे-धीरे खत्म हो रही है, और यह फिल्म कुछ हद तक इस परंपरा को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की उनकी इच्छा से बनी है.
संतोष दवाखर कौन हैं?
दवाखर 'गोंधल' के लेखक, डायरेक्टर और स्क्रीनराइटर हैं. उन्होंने इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है और फिल्ममेकिंग में आने से पहले दूसरे क्षेत्रों में काम किया है. बाद में उन्होंने FTII, पुणे में स्क्रीनप्ले राइटिंग की ट्रेनिंग ली. 'गोंधल' से फीचर फिल्म में डेब्यू करने से पहले, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'अज्ञात' को डायरेक्ट किया था. उनके पिछले काम भी सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहे हैं.
देखिए फिल्म का ट्रेलर
दिलचस्प बात यह है कि 'गोंधल' उनकी पहली फ़ीचर फिल्म है और इसने उन्हें भारत की ऑस्कर सिलेक्शन प्रक्रिया तक पहुंचा दिया है. इस फिल्म ने IFFI में पहले ही लोगों का ध्यान खींचा था. आज ऑस्कर की घोषणा से पहले, 'गोंधल' ने 2025 में 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में अपनी पहचान बना ली थी. यह फिल्म IFFI के बेस्ट फीचर फिल्म अवॉर्ड 'गोल्डन पीकॉक' की दौड़ में शामिल थी, और दवाखर ने आखिरकार बेस्ट डायरेक्टर के लिए 'सिल्वर पीकॉक' जीता.
IFFI जूरी ने फिल्म में परंपरा, रूप और कहानी कहने के तरीके की तारीफ करते हुए इसे 'असली दुनिया में सेट शेक्सपियर की कहानी' बताया. इसने 2026 में 17वें बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इंडियन सिनेमा कॉम्पिटिशन में FIPRESCI अवॉर्ड भी जीता. पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसे बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट सिनेमैटोग्राफर का अवॉर्ड मिला, जबकि बाद में दवाखर ने थर्ड आई एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में एक और बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड जीता.
इलयाराजा ने दिया है म्यूजिक
फिल्म का संगीत मशहूर संगीतकार इलयाराजा ने तैयार किया है. डायरेक्टर चाहते थे कि साउंड फिल्म की दुनिया और उसके पारंपरिक माहौल के हिसाब से हो. वह इलयाराजा से मिलने चेन्नई गए और बाद में उन्हें गोंधल रस्म और उसके वाद्ययंत्रों को देखने के लिए नासिक लाए.
बैकग्राउंड स्कोर फिल्म का माहौल बनाने का एक और अहम हिस्सा बन गया. फिल्म में अजय गोगावले, आर्या आंबेकर और अभिजीत कोसंबी जैसे गायक भी शामिल हैं.
'गोंधल' कब रिलीज हुई?
यह फिल्म 14 नवंबर, 2025 को महाराष्ट्र में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इसका टीजर पहले ही 10 अक्टूबर, 2025 को आ गया था और इसे कुछ चुनिंदा सिनेमाघरों में 'कांतारा: चैप्टर 1' के साथ रिलीज किया गया था.
फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में भी इसने शानदार प्रदर्शन किया. फिल्मफेयर अवॉर्ड्स मराठी 2026 में, 'गोंधल' ने कई टेक्निकल और डेब्यू कैटेगरी में जीत हासिल की. फिल्म ने संतोष दावखर के लिए बेस्ट स्क्रीनप्ले, इलयाराजा के लिए बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर, जयेश ढकान के लिए बेस्ट साउंड डिज़ाइन और अमलेंदु चौधरी के लिए बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड जीता. इसने निषाद भोईर के लिए बेस्ट डेब्यू मेल और इशिता देशमुख के लिए बेस्ट डेब्यू फीमेल का अवॉर्ड भी जीता.
और अब बारी है ऑस्कर की
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस साल भारत की ऑस्कर एंट्री के लिए दावेदार 30 से ज्यादा फिल्मों में से 'गोंधल' को चुना है. हालांकि, ऑस्कर में भारत की ऑफिशियल एंट्री के तौर पर चुने जाने का मतलब यह नहीं है कि 'गोंधल' को पहले ही ऑस्कर नॉमिनेशन मिल गया है. अब यह एकेडमी की इंटरनेशनल फीचर फिल्म प्रक्रिया में शामिल होगी, जहां बाद में शॉर्टलिस्ट और फाइनल नॉमिनेशन तय किए जाएंगे. अकादमी ने शॉर्टलिस्ट की घोषणा 15 दिसंबर, 2026 को, नॉमिनेशन 21 जनवरी, 2027 को और 99वें ऑस्कर समारोह को 14 मार्च, 2027 को आयोजित करने का कार्यक्रम तय किया है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क