अब कैसे टूटेंगे कांच? महंगी चीनी की पड़ी मार, फिल्मों का भी हिलेगा बजट!

देशभर में चीनी के बढ़ते दाम क्या फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के बजट को प्रभावित करेंगे? क्योंकि एक्शन सीक्वेंस में शुगर ग्लास को बतौर प्रॉप्स इस्तेमाल किया जाता है. जानें इस रिपोर्ट में...

Advertisement
महंगी चीनी, कैसे शूट होंगे एक्शन सीक्वेंस? (Photo: Social Media) महंगी चीनी, कैसे शूट होंगे एक्शन सीक्वेंस? (Photo: Social Media)

हंसा कोरंगा

  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

देशभर में महंगाई ने हाहाकार मचा रखा है. खासकर रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले प्याज, टमाटर, तेल के बाद चीनी के आसमान छूते रेट लोगों को रुला रहे हैं. आलम ये है कि चीनी 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है. चीनी के बढ़े दाम किचन के अलावा प्रोडक्शन फील्ड में भी मेकर्स के बजट में चपत लगा सकते हैं. ऐसे में सवाल है क्या महंगी चीनी की वजह से फिल्म/टीवी इंडस्ट्री का बजट भी हिलेगा? 

Advertisement

एक्शन सीक्वेंस पड़ेंगे महंगे!

कई लोगों को शायद इसकी जानकारी ना हो, लेकिन फिल्म सेट पर भी चीनी कई जगह इस्तेमाल होती है. हालांकि फिल्म के बड़े से बजट में चीनी के खर्च की लागत कम है. लेकिन चीनी का महंगा होना अब मेकर्स की जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करेगा. खासतौर पर एक्शन फिल्मों के बजट पर इसका असर दिखेगा. आपने देखा होगा फिल्मों में कैसे हीरो डेयरिंग दिखाकर कांच तोड़ता है या कांच पर गिरता है, वो भी बिना किसी नुकसान के. वो इसलिए क्योंकि वो कांच असल में कांच नहीं होता, वो होती है 'चीनी'.  

फिल्म के सेट पर शुगर ग्लास जैसे प्रॉप्स एक्शन सीक्वेंस में यूज किए जाते हैं. असली कांच की जगह सेफ्टी रीजन्स से शुगर ग्लास का इस्तेमाल करना मेकर्स के लिए सस्ता और आसान फॉर्मूला है. फिल्ममेकर्स इसे एक्शन सीन के अलावा, कांच तोड़ने, बोतल को सिर पर फोड़ने के स्टंट में इस्तेमाल करते हैं. टूटने के बाद इसके टुकड़े असली कांच की तरह दिख सकते हैं. जो सीन को रियल टच देता है.

Advertisement

शुगर ग्लास चीनी से बनाया जाता है. ये दिखने में बिल्कुल कांच जैसा लगता है. इसे तोड़ना काफी आसान और हार्मलेस होता है. कीमत के मामले में भी असली कांच की लागत ज्यादा खर्चीली पड़ेगी. ज्यादातर एक्शन सीन्स में चीनी कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल होती है. इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर प्रॉप्स की लागत पर देखने को मिलेगा. पुराने दौर में जब ज्यादा रिसोर्सेज नहीं होते थे, मेकर्स एक्शन सीन में शुगर ग्लास का ही इस्तेमाल करते थे. हालांकि आज के दौर में इनका रिप्लेसमेंट मौजूद है. कई मेकर्स अपनी फिल्मों में  रेजिन, एक्रिलिक और दूसरे प्रॉप मैटीरियल का यूज करने लगे हैं.

कैसे बनता है शुगर ग्लास?

शुगर ग्लास को चीनी, पानी, कॉर्न सिरप और क्रीम ऑफ टार्टर को मिलाकर बनाया जाता है. इस मिश्रण को हाई डिग्री पर उबाला जाता है ताकि वो कांच जैसा ट्रांसपेरेंट दिखने लगे. फिर इसे जिस भी आकार में चाहे उसमें ढाला जाता है. फिल्मों में तोड़े जाने वाले कांच के बर्तनों को भी इसकी मदद से बनाया जाता है. बॉलीवुड फिल्मों में ऐसे नकली प्रॉप्स का इस्तेमाल करना आम बात है. प्रियंका चोपड़ा ने मूवी क्वांटिको में सिर पर ग्लास तोड़ने वाले सीन में रियल नहीं नकली ग्लास तोड़ा था. रोहित शेट्टी की फिल्मों में एक्शंस की भरमार होती है. उनकी फिल्म के सेट पर भी ऐसे कई फेक प्रॉप्स यूज होते हैं.

Advertisement

चाय-कॉफी का बढ़ेगा खर्च?

चीनी का इस्तेमाल इंडस्ट्री के सेट पर चाय-कॉफी बनाने के लिए भी होता है. बडे़ सेट पर जहां सैकड़ों की तादाद में क्रू मेंबर्स, स्टारकास्ट मौजूद रहते हैं, चीनी की खपत ज्यादा होती है. अब चीनी के महंगी होने पर कैटरिंग के खर्च का थोड़ा बहुत असर पड़ सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »