एक्टर और फिल्ममेकर शोभिनव सत्या ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार की तारीफ की है. उन्होंने हवा में हुए हमले के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए कैप्टन की सराहना करते हुए कहा कि इस घटना ने लोगों का भरोसा बढ़ाया और उन्हें याद दिलाया कि बहादुरी के काम सिर्फ़ पुरानी कहानियों तक ही सीमित नहीं हैं.
शनिवार, 10 अक्टूबर को 'इंडिया टुडे मुंबई कॉन्क्लेव 2026' में 'द हनुमान अंश मिरेकल: ए स्मॉल बजट टू ए 400-करोड़+ स्टोरी' नाम के सेशन में बोलते हुए, शोभिनव ने बताया कि कैसे उन्होंने पायलट के उस मुश्किल अनुभव पर तुरंत एक वीडियो बनाया था.
कैप्टन स्मित मछार पर बोले शोभिनव
उन्होंने कहा, 'मैंने एक वीडियो बनाया और उसे तुरंत पोस्ट कर दिया.' उन्होंने आगे कहा कि इसे बहुत ज्यादा शेयर किया गया. उन्होंने कहा कि इस घटना ने उन्हें भारत में सुनी जाने वाली बहादुरी की कहानियों की याद दिला दी.
शोभिनव ने कहा, 'हम बहादुरी की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं. लेकिन उन कहानियों से अक्सर हमें ऐसा लगता था कि ऐसी चीजें बहुत पहले हुई थीं, कि अतीत में ऐसे लोग हुआ करते थे. ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि आज भी हीरो मौजूद हैं.'
हालांकि, उन्हें मच्छर के अनुभव का एक और अहम पहलू भी लगा: वह आस्था जिसने उन्हें उस मुश्किल समय से निकलने में मदद की.
उन्होंने कहा, 'सबसे बड़ी बात यह थी कि उन्होंने हमें हनुमान चालीसा की शक्ति का भी एहसास कराया. जब उस व्यक्ति ने वहां हनुमान चालीसा का पाठ किया, तो उन्होंने एक ऐसी चीज को छुआ जो हमारे लिए आस्था का विषय है.'
अपना अनुभव शेयर करने के लिए कैप्टन का शुक्रिया अदा करते हुए शोभिनव ने कहा कि इस घटना ने पहले से ही गहरी आस्था को और मज़बूत कर दिया है.
'हनुमान अंश' के एक्टर ने कहा, 'इस बात को सबके सामने लाने के लिए मैंने उनका बहुत शुक्रिया अदा किया. उन्होंने हमारी आस्था को, जो पहले से ही इतनी मजबूत थी, और भी अटूट बना दिया.'
कैप्टन स्मित मछार के साथ क्या हुआ था?
कैप्टन स्मित मछार तब चर्चा में आए जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट में उनके को-पायलट ने हवा में उन पर हमला कर दिया. चोट लगने के बावजूद, पायलट ने उस मुश्किल हालात का डटकर सामना किया. बाद में उन्होंने बताया कि दर्द में होने के बावजूद वे लगातार हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे थे.
खबरों के मुताबिक, इस संघर्ष के दौरान विमान 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट नीचे गिर गया. क्रू के अन्य सदस्यों और यात्रियों ने बीच-बचाव किया, जबकि दूसरे पायलटों ने विमान का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया. विमान में सवार सभी 174 लोग सुरक्षित बच गए.
बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के दौरान,मछार ने बताया कि कैसे उन्होंने दर्द में भी हनुमान चालीसा का पाठ किया. उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें शांत रहने और चोटों के बावजूद सही कदम उठाने की हिम्मत दी.
शोभिनव के लिए, मछार की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि कैसे आस्था और हिम्मत गहरी छाप छोड़ सकती है, और एक डरावने निजी अनुभव को ऐसी कहानी में बदल सकती है जो सीधे तौर पर शामिल लोगों से कहीं आगे तक लोगों के दिलों को छू जाती है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क