2 करोड़ में बनी हनुमान अंश ने कमाए 50 करोड़, इमोशनल हुए डायरेक्टर, बोले- ये चमत्कार है

हनुमान अंश फिल्म के साथ इस समय जो कुछ भी हो रहा है, वो किसी चमतकार से कम नहीं है. अपनी फिल्म को मिली सक्सेस पर डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने ऑडियंस और बाबा नीम करोली का धन्यवाद किया है.

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हनुमान अंश का चला जादू (Photo: ITGD) हनुमान अंश का चला जादू (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:26 AM IST

कुछ फिल्मों की सफलता ऐसी होती हैं, जो आपको अंदर से बेहद खुशी वाला एहसास दिला जाती हैं. 26 दिन पहले थिएटर में आई एक छोटी सी फिल्म हनुमान अंश वही एहसास है. धीमी शुरुआत के बाद, जिस रफ्तार से ये फिल्म आगे बढ़ रही है वो हर किसी को हैरान कर गई है. अपने सामने बड़ी फिल्में होने के बावजूद, हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर धांसू कमाई कर रही है. 

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फिल्म हनुमान अंश की सफलता इस समय जिस शख्स के लिए सबसे ज्यादा भावुक करने वाली है, वो इसके डायरेक्टर डॉ. विशाल चतुर्वेदी हैं. नीम करोली बाबा पर लिखी अपनी किताब डिवाइन डीटूर को उन्होंने एक फिल्म का रूप दिया, जो अब हर तरफ छा चुकी है. इस फिल्म की सक्सेस पर डायरेक्टर ने HT से खुलकर बात करते हुए कई बातें शेयर की हैं. 

हनुमान अंश को मिला बाबा का आशीर्वाद

डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने अपनी फिल्म की सफलता को चमत्कार बताते हुए कहा- हमने 1.7 करोड़ रुपये के बजट में फिल्म इसलिए बनाई थी कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखें और हमारा निवेश वापस आ जाए. लेकिन फिल्म ने उम्मीद से कहीं ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया. अब हम कमाई गिनने के बजाय लोगों का प्यार, आशीर्वाद और तारीफ देख रहे हैं. 

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'मुझे लगता है कि फिल्म की सफलता की सबसे बड़ी वजह बाबा की दिव्य कहानी, संगीत और कलाकारों की मेहनत है. हम सभी इस विषय से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे. हमारे पास प्रमोशन और PR के लिए ज्यादा बजट नहीं था, लेकिन दर्शकों ने खुद फिल्म का प्रचार किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे शेयर किया और फिल्म को अपने कंधों पर आगे बढ़ाया.'

विशाल ने आगे बताया कि जब बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्में आवारापन 2 और बंटवारा 1947 भिड़ी थीं, तब उनका हौसला थोड़ा टूट सा गया था. दोनों ही फिल्में अपनी जगह बड़ी और शानदार थीं, इसलिए वो थोड़ा डर गए कि कहीं उनकी फिल्म गायब ना हो जाए. डायरेक्टर ने कहा- दोनों फिल्मों के लिए कई जगह हमारी फिल्म के शो नहीं थे. सिर्फ 25 शो लगे थे, फिर भी लोग 200-250 किलोमीटर दूर से फिल्म देखने आए. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसके वीडियो शेयर किए. कुछ लोग फिल्म खत्म होने के बाद इतने भावुक थे कि अपनी सीट से उठ तक नहीं पाए. शायद यही चीज फिल्म के लिए काम कर गई, जिसे कोई PR नहीं कर सकता. 

कैसे किया फिल्म का प्रमोशन?

विशाल ने बताया कि जब उनकी फिल्म के शो कम होने लगे, तब उनकी फिल्म की टीम ने मुंबई से रोड ट्रिप शुरू की और राजकोट, सूरत, अहमदाबाद समेत छोटे शहरों में जाकर दर्शकों, स्थानीय मीडिया और थिएटर मालिकों से मुलाकात की. टीम के पास ज्यादा पैसे नहीं थे, इसलिए सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स की मदद से फिल्म की पहुंच बढ़ाई गई. भावुक रील्स वायरल होने लगीं और इसके बाद फिल्म के शो फिर बढ़ने लगे. 

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बात करें फिल्म हनुमान अंश की, तो रिलीज के करीब 21 दिनों तक इसके शोज की संख्या 350 से घटकर एक समय तक 29 पहुंच चुकी थी. मगर वर्ड ऑफ माउथ के दम पर इसके शो लगातार बढ़ते गए. आज आलम ऐसा है कि सामने यश की टॉक्सिक के बावजूद, इस फिल्म के देशभर में 7000 से ज्यादा शोज लगे हुए हैं. फिल्म की कुल कमाई 50 करोड़ रुपये ग्रॉस से ज्यादा जा चुकी है. 

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