बुधवार को सुनीता अहुजा अपने बेटे यशवर्धन अहुजा और अपने वकील के साथ फैमिली कोर्ट के बाहर दिखाई दीं. इसके बाद उनके परिवार की निजी जिंदगी में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई. बाद में गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने बताया कि सुनीता ने एक्टर के खिलाफ तलाक का याचिका वापस ले ली है. यहां हर किसी के मन में सवाल ये है कि अगर तलाक केस वापस लेना ही था, तो दायर क्यों किया. जानते हैं कि इस पूरे मामले पर गोविंदा के मैनेजर का क्या कहना है.
गोविंदा-सुनीता के तलाक पर मैनेजर का बयान
मीडिया से बात करते हुए गोविंदा के मैनेजर ने कहा कि हालांकि सुनीता का तलाक याचिका वापस लेने का फैसला एक खुशी की बात है, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस मामले को इतना बढ़ने दिया ही क्यों गया. उन्होंने कहा कि कपल के बीच मतभेद करीब डेढ़ से दो साल तक मीडिया में छाए रहे, जिससे बेवजह उनकी इमेज को नुकसान हुआ. उन्होंने ये भी कहा कि रिश्तों में मतभेद होना आम बात है, लेकिन जब कोई विवाद अदालत तक पहुंच जाता है, तो ये सार्वजनिक जानकारी बन जाता है. ऐसा कुछ जो इस मामले में टाला जा सकता था.
शशि सिन्हा ने सुनीता के तलाक याचिका वापस लेने पर सवाल किया. इस पर वो कहते हैं कि जरूरत नहीं थी जाने की. घर की बातें घर में रहनी चाहिए, बैठ के बातें करके, बहुत सारी चीजें ठीक होती हैं. आज जब केस वापस लेना था, तो किया क्यों था? इस बात का मुझे दुख हो गया. काहे को फिर हम लोग तमाशा बन गए?
उन्होंने ये भी कहा कि गोविंदा का इस घटनाक्रम पर कोई रिएक्शन नहीं है. उन्होंने कहा, भगवान सबको सद्बुद्धि दें, सब लोग बुद्धि से चलें. बस यही अच्छा है. परिवार के अंदर कन्फ्यूजन और गलतफहमियां आपस में बैठकर बातचीत से सुलझाई जा सकती हैं. समस्याएं बड़ी हो सकती हैं, लेकिन उन्हें सुलझाना नामुमकिन नहीं होता.
कब फाइल हुआ था डिवोर्स
गोविंदा और सुनीता अहुजा की शादी मार्च 1987 में हुई थी. कपल ने 1988 में अपनी बेटी टीना के जन्म तक अपनी शादी को गुप्त रखा. करीब एक दशक बाद 1997 में उनका बेटा यशवर्धन हुआ.
खबरों के मुताबिक, सुनीता ने 5 दिसंबर, 2024 को बांद्रा फैमिली कोर्ट में हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत गोविंदा से तलाक की याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने व्यभिचार, क्रूरता और परित्याग का हवाला दिया था.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क