इमरान हाशमी आवारापन 2 की बॉक्स ऑफिस सफलता को इस समय काफी एंजॉय कर रहे हैं. उनकी फिल्म को ऑडियंस का भरपूर प्यार मिल रहा है. इमरान को अपने करियर की पहली ऐसी फिल्म मिली, जिसने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया. दो दिनों में ही उनकी फिल्म हिट हो गई, और अब जल्द सुपरहिट होनी की राह पर भी है.
आवारापन 2 फिल्म इमरान के करियर में वो फरिश्ता बनकर आई है, जिसका शायद उन्हें बरसों से इंतजार था. इसमें उनका एक भी इंटीमेट सीन नहीं था, जिसने उनके चाहने वालों को कुछ समय के लिए निराश जरूर किया. मगर ये चीज इमरान हाशमी के लिए काफी जरूरी भी थी, क्योंकि वो अपने करियर में वही चीज कर-करके थक गए थे.
'सीरियल किसर' का मिला टैग
इमरान की पब्लिक में एक इमेज हमेशा से रही है कि उनकी फिल्मों में किसिंग सीन जरूर होता है. लगभग अपनी हर फिल्म में उनका कोई इंटीमेट सीन जरूर रहता था, जिससे उन्हें 'सीरियल किसर' का टैग मिला. करियर की शुरुआत में मर्डर, जहर जैसी फिल्मों में किसिंग सीन से थिएटर में सनसनी मचाने वाले इमरान इस टैग के साथ कई सालों तक घूमते रहे.
लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब उन्होंने खुद ये कहना शुरू किया कि वो 'सीरियल किसर' वाले टैग से थक गए हैं, वो इससे बाहर निकलना चाहते हैं. इमरान ने तो ये तक कह दिया था कि वो इंटीमेट सीन से दूरी बनाना चाहते हैं. साल 2006-07 तक एक्टर ने वैसा करने की कोशिश भी की.
साल 2007 में आई आवारापन में इमरान का एक भी किसिंग या इंटीमेट सीन नहीं था. मगर इन फिल्मों का नतीजा ये रहा कि लोगों ने इसे उतना नहीं देखा, जैसा एक्टर ने उम्मीद की थी. हालांकि उनकी परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया. लेकिन 'सीरियल किसर' वाला टैग तब भी उनके माथे से नहीं हट सका. ऑडियंस की डिमांड के कारण उन्हें किसिंग सीन इसके बाद भी करने पड़े. मर्डर 2, राज 3- इन फिल्मों में उनके इंटीमेट सीन के बड़े चर्चे रहे.
आवारापन से हुई थी कोशिश
इमरान ने कई तरीके अपनाए और अलग तरह के रोल्स करने लगे जिससे वो खुद को बतौर सीरियस एक्टर भी साबित कर सकें. शंघाई, वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई, जैसी फिल्मों में उन्होंने डार्क रोल्स करके लोगों को दिखाया कि इंटीमेट-किसिंग सीन्स के ज्यादा भी इमरान हाशमी के पास एक्टिंग की कला है.
2018 में उन्होंने कहा था कि OTT के बढ़ते चलन के साथ फिल्मों में दिखाए जाने वाले इंटीमेट सीन अब पहले जितने खास नहीं रह गए हैं. इससे साफ था कि वो सिर्फ इसलिए ऐसे सीन नहीं करना चाहते थे क्योंकि ऑडियंस उनसे इसकी उम्मीद करती है. एक समय के बाद धीरे-धीरे इमरान हाशमी ने इस इमेज से भागना बंद कर दिया.
हाल ही में आईं उनकी कुछ फिल्मों और सीरीज में उन्होंने उसी छवि के साथ खेलना शुरू किया, जिसे वो कभी पीछे छोड़ना चाहते थे. ‘सीरियल किसर’ का टैग अब उनके लिए कोई ऐसी चीज नहीं रहा, जिसमें वो फंस गए हों. बल्कि ये उनकी पॉप-कल्चर पहचान का एक हिस्सा बन गया, जिसे वो अपनी मर्जी से स्वीकार कर सकते थे.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क