दलेर मेहंदी पर शराब के नशे में परफॉर्म करने के आरोप के बीच FWICE उनके बचाव में उतर आई है. फेडरेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर सिंगर के साथ संवेदनशीलता और सम्मान से पेश आने की अपील की है.
शराब के आरोप पर दलेर को मिला FWICE का साथ!
सिंगर दलेर मेहंदी इन दिनों उत्तराखंड में हुए एक कार्यक्रम को लेकर विवादों में हैं. एक तरफ उन पर शराब के नशे में स्टेज पर परफॉर्म करने का आरोप लगा, तो दूसरी तरफ अब फिल्म इंडस्ट्री उनके समर्थन में खड़ी होती नजर आ रही है. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने साफ कहा है कि वह जानती है कि दलेर मेहंदी शराब का सेवन नहीं करते.
FWICE ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है. फेडरेशन ने बताया कि दलेर मेहंदी स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याओं से जूझ रहे हैं और सर्जरी के बाद रिकवरी भी कर रहे हैं. ऐसे में किसी कलाकार की स्थिति पर बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है.
'कलाकारों के साथ सम्मान से पेश आएं'
FWICE ने अपने पत्र में कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों को सही तरीके से आयोजित करना जरूरी है, लेकिन किसी कलाकार से जुड़ी चिंता को सबके सामने फटकार लगाने के बजाय संवेदनशीलता और समझदारी से संभालना चाहिए.
फेडरेशन ने यह भी कहा कि किसी कलाकार की सेहत या परफॉर्मेंस को लेकर कोई परेशानी हो, तो उससे पेशेवर तरीके और सहानुभूति के साथ निपटना चाहिए. कलाकार की हैसियत या परिस्थितियां चाहे जो हों, उसके साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार होना जरूरी है.
'दलेर मेहंदी का अपमान पूरी इंडस्ट्री के लिए दुखद'
FWICE ने दलेर मेहंदी के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि वह भारतीय संगीत का एक जाना-माना नाम हैं. उनके गानों और परफॉर्मेंस ने कई पीढ़ियों के दर्शकों के बीच पहचान बनाई है. ऐसे वरिष्ठ कलाकार को सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने की घटना पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए दुखद है.
फेडरेशन ने अधिकारियों और कार्यक्रम आयोजकों से अपील की कि कलाकारों की सेहत या परफॉर्मेंस से जुड़ी किसी भी चिंता को सही तरीके से संभाला जाए. FWICE ने दोहराया कि वह हमेशा कलाकारों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कर्मचारियों के अधिकारों, कल्याण और सम्मानजनक व्यवहार के लिए खड़ी रही है.
आखिर क्या है पूरा मामला?
दरअसल, रविवार को नई टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में दलेर मेहंदी परफॉर्म कर रहे थे. इसी दौरान उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने उनके कार्यक्रम को बीच में रोक दिया. मंत्री ने आरोप लगाया कि सिंगर शराब के नशे में हैं. इसी घटना के बाद विवाद खड़ा हो गया.
अब FWICE के समर्थन में उतरने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है. जहां एक ओर दलेर मेहंदी पर लगाए गए आरोप सुर्खियों में हैं, वहीं दूसरी ओर फेडरेशन ने उनके स्वास्थ्य और सम्मान का हवाला देते हुए मामले को संवेदनशीलता से संभालने की मांग की है. फिलहाल, इस विवाद पर सबकी नजरें बनी हुई हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क