कभी Apple में नौकरी पाने का सपना देखा था, लेकिन इंटरव्यू के दूसरे राउंड में ही बाहर हो गईं. फिर जिंदगी ने ऐसी करवट ली कि करोड़ों के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर फिल्म बनाने में जुट गईं. इतना ही नहीं, अपनी जमा-पूंजी के 55 लाख रुपये भी दांव पर लगा दिए. आज उनकी बनाई फिल्म दुनियाभर में 452 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है. यह कहानी है 'हनुमान अंश' की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर की, जिनकी जिंदगी में नीम करोली बाबा की एंट्री ने सबकुछ बदल दिया.
Apple में नौकरी का सपना टूटा, नीम करोली बाबा से जुड़ गया नाता
अनुप्रिया नागर कभी Apple में नौकरी करना चाहती थीं. इसके लिए उन्होंने इंटरव्यू भी दिया, लेकिन दूसरे राउंड में उनका सिलेक्शन नहीं हो पाया. हालांकि, उन्हें क्या पता था कि यही नाकामी आगे चलकर उन्हें एक ऐसी फिल्म से जोड़ देगी, जो बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने वाली है.
दरअसल, स्टीव जॉब्स की जिंदगी और उनके बिजनेस सफर के बारे में पढ़ते हुए अनुप्रिया को पता चला कि Apple के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स उत्तराखंड के कैंची धाम जाया करते थे. यह जगह नीम करोली बाबा से जुड़ी हुई है. जॉब्स की जिंदगी में इस आध्यात्मिक जगह की अहमियत जानने के बाद अनुप्रिया भी कैंची धाम पहुंचीं. धीरे-धीरे उनकी आस्था नीम करोली बाबा में बढ़ती चली गई और वह उनकी भक्त बन गईं.
इसके बाद अनुप्रिया ने विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' को को-प्रोड्यूस करने का फैसला किया. यह फिल्म नीम करोली बाबा की जिंदगी पर आधारित है.
फिल्म में लगा दिए 55 लाख रुपये, पिता को लगा बेटी भटक गई
'हनुमान अंश' का शुरुआती बजट करीब 1.5 करोड़ रुपये था. फिल्म में तीन प्रोड्यूसर थे और अनुप्रिया ने अपनी बचत से करीब 50 से 55 लाख रुपये इसमें लगा दिए. लेकिन जब उन्होंने अपने इस फैसले के बारे में पिता को बताया तो उनका रिएक्शन कुछ ऐसा था कि वह हैरान रह गए. अनुप्रिया ने कर्ली टेल्स से बातचीत में बताया कि उनके पिता को लगा, 'मेरी बेटी भटक गई है.'
आखिर पिता परेशान भी क्यों न होते, बेटी ने ब्रिटेन से पढ़ाई की थी, इकोनॉमिक्स की डिग्री ली थी और ज्यूरिख में अच्छी नौकरी भी थी. परिवार को लगा था कि अब वह अपने करियर में आगे बढ़ेंगी, लेकिन अनुप्रिया ने सबकुछ छोड़कर फिल्म इंडस्ट्री में पैसा लगाने का फैसला कर लिया.
पिता को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की थी कि फिल्म इंडस्ट्री में उनका कोई जान-पहचान वाला नहीं था. ऐसे में बेटी की पूरी जमा-पूंजी फिल्म में लगाना उन्हें जोखिम भरा लग रहा था.
OTT नहीं, थिएटर में रिलीज करने की ठानी
शुरुआत में परिवार को अनुप्रिया के फैसले पर चिंता थी, लेकिन बाद में माता-पिता ने उनका साथ देना शुरू कर दिया. यहां तक कि उन्होंने फिल्म को सीधे OTT पर रिलीज करने के बजाय सिनेमाघरों में उतारने के लिए भी प्रोत्साहित किया.
अनुप्रिया ने बताया कि कई बार उन्हें भी लगा कि शायद वह इस इंडस्ट्री के लिए नहीं बनी हैं. लेकिन उनके मन में एक बात साफ थी कि अगर फिल्म नहीं भी चली तो उन्हें अपने फैसले पर पछतावा नहीं होगा. क्योंकि उन्होंने यह काम पूरे विश्वास और आस्था के साथ शुरू किया था.
उन्हें भरोसा था कि अगर आज की पीढ़ी फिल्म नहीं देखेगी तो शायद 10 या 20 साल बाद की युवा पीढ़ी इसे जरूर देखेगी. वह चाहती थीं कि बच्चे इस फिल्म को देखें और अध्यात्म से जुड़ें.
पिता के लिए थिएटर में नहीं मिली एक भी सीट
इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब आया, जब फिल्म की रिलीज के बाद अनुप्रिया के पिता लंदन में थे. रिलीज के शुरुआती दो हफ्तों तक वह वहीं घूम रहे थे और फिल्म नहीं देख पाए.
लेकिन जब वह भारत लौटे तो फिल्म की कमाई अचानक रफ्तार पकड़ चुकी थी. सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ उमड़ने लगी थी. हालत ऐसी हो गई कि अनुप्रिया मुंबई के किसी भी थिएटर में अपने पिता के लिए एक सीट तक बुक नहीं कर पाईं. हर जगह हाउसफुल का बोर्ड लगा था. जिस फिल्म को लेकर कभी पिता को बेटी के भटकने की चिंता थी, उसी फिल्म को देखने के लिए अब थिएटर में जगह नहीं मिल रही थी.
2 करोड़ से कम बजट, कमाई 452 करोड़ के पार
'हनुमान अंश' की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं रही थी. 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले हफ्ते घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ एक करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा कमाए.
दूसरे हफ्ते तो फिल्म के शो और स्क्रीन भी कम हो गए. सिनेमाघरों में इसकी स्क्रीन घटकर सिर्फ 30 रह गईं और कमाई करीब 70 लाख रुपये तक सिमट गई. लेकिन तीसरे रविवार से कहानी ने ऐसा टर्न लिया कि हर कोई हैरान रह गया. फिल्म ने एक दिन में एक करोड़ रुपये से ज्यादा कमाए और रविवार को करीब 2.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया.
इसके बाद हर हफ्ते फिल्म की कमाई बढ़ती चली गई. 2 करोड़ रुपये से भी कम बजट में बनी इस फिल्म ने आखिरकार दुनियाभर में 452 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर लिया. रिलीज के 83 दिन बाद भी फिल्म की कमाई का आंकड़ा लगातार चर्चा में बना हुआ है और इसकी OTT रिलीज को लेकर भी अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
एक तरफ Apple में नौकरी का सपना अधूरा रह गया, तो दूसरी तरफ उसी सफर ने अनुप्रिया नागर को फिल्मी दुनिया में ऐसी पहचान दिलाई, जिसकी शायद उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. अब इसे किस्मत कहें, आस्था या हिम्मत का कमाल, अनुप्रिया की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क