Amit Shah In Kairana: वो 8 साल... विस्थापितों का दर्द और अमित शाह का मरहम, कैराना में किधर बह रही हवा?

UP Election: विस्थापित परिवारों से मुलाकात के बाद अमित शाह ने कहा कि मैं जनवरी 2014 के बाद पहली बार कैराना आया हूं. 2014 के बाद पीएम मोदी ने यूपी के विकास की बागडोर अपने हाथों में ली थी. 2017 में यहां भाजपा सरकार बनने के बाद, योगी आदित्यनाथ सीएम बने और विकास को और गति दी.

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यूपी दौरे पर लोगों को संबोधित करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. यूपी दौरे पर लोगों को संबोधित करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह.

aajtak.in

  • मुजफ्फरनगर,
  • 22 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 9:25 PM IST
  • अमित शाह ने कैराना में डोर-टू-डोर कैंपेन किया
  • शाह ने कहा- 2014 के बाद कैराना आया हूं

यूपी के कैराना में 8 साल बाद कुछ परिवारों के लिए खुशियां दोबारा लौटकर घर आई हैं. 2014 में मुजफ्फरनगर दंगों के बाद कैराना के कुछ परिवार दहशत में अपने घरों को छोड़कर शामली और आसपास के जिलों में चले गए थे. यहां ये अपने घर को छोड़कर जीवन कैसे बसर कर रहे थे, ये तो यही जानें लेकिन अब 8 साल बाद जब स्थितियां सामान्य हुई है तो यहां से पलायन कर गया परिवार दोबारा अपने घरों में खुशी के गीत गा रहा है.

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इन विस्थापित परिवारों का दर्द जानने और उस पर मरहम लगाने के भरोसे के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को यहां पहुंचे. उन्होंने विस्थापित परिवारों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना. भरोसा भी दिया कि अब पहले जैसी स्थितियां यूपी में नहीं रह गई हैं और न अब ऐसा होगा. इसके बाद लगे हाथ यूपी चुनाव के लिए डोर-टू-डोर कैंपने भी कर लिया.

विस्थापित परिवार से बातचीत करते अमित शाह.

विस्थापित परिवारों से मुलाकात के बाद अमित शाह ने कहा कि मैं जनवरी 2014 के बाद पहली बार कैराना आया हूं. 2014 के बाद पीएम मोदी ने यूपी के विकास की बागडोर अपने हाथों में ली थी. 2017 में यहां भाजपा सरकार बनने के बाद, योगी आदित्यनाथ सीएम बने और विकास को और गति दी. अब स्थितियां सामान्य हुई है, यूपी से गुंडाराज खत्म होने की कगार पर आ गया है तब लोगों ने सरकार और प्रशासन पर भरोसा कर अपने घर को लौटने लगे हैं.

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डोर टू डोर कैंपेन को बीजेपी देगी धार

साफ है कि बीजेपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कैराना के पलायन को बड़ा सियासी मुद्दा बनाने जा रही है. आज डोर टू डोर कैंपेन में अमित शाह इस अभियान को और हवा दे रहे हैं. 

कैराना में कौन पार्टी किस पर कैसे दांव लगा रही है

बता दें कि बीजेपी ने यहां से पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को टिकट दिया है. वहीं, समाजवादी पार्टी ने यहां से नाहिद हसन को टिकट दिया है.  कैराना में 10 फरवरी को वोटिंग है. बसपा ने राजेंद्र सिंह उपाध्याय को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं, कांग्रेस ने यहां से हाजी अखलाक को टिकट दिया है. 

डोर-टू-डोर कैंपेन के दौरान अमित शाह.

CM योगी ने भी सुनाई कैराना की कहानी 

शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना की एक कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि कैसे कैराना से पलायन कर चुका है एक परिवार वापस लौटा और जब योगी खुद उनसे मिलने गए तो परिवार खुश था. लेकिन उस परिवार की एक लड़की जो छठी कक्षा में पढ़ती थी उसने बताया की एक अपराधी अभी भी चौक चौराहों पर घूम रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब पुलिस प्रशासन से अगले दिन पूछा तो अगले ही दिन उस अपराधी ने अपना बेल कैंसिल कर लिया और जेल चला गया. सीएम ने कहा कि अब पता चला है कि उस अपराधी को आजीवन कारावास हुआ है.  

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उधर, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर में कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना संकट से उबरने के लिए देश के हर राज्य को हर संभव सुविधाएं मुहैया कराई हैं. उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और हमने कोविड प्रबंधन का अपना मॉडल विकसित किया है.

 

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