प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार को अपने राजनीतिक हितों के लिए जांच एजेंसियों के काम में बाधा नहीं डालनी चाहिए. उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए. ईडी ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं. ईडी ने जितने भी केस दर्ज किए हैं, उनमें से सिर्फ 3 फीसदी ही राजनीति से जुड़े हुए हैं. बाकी, 97%, गैर-राजनीतिक हैं. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले ED ने 1800 से कम मामले दर्ज किए थे, लेकिन 2014 के बाद ED ने 5 हजार से ज्यादा केस दर्ज किए. जो उनकी दक्षता का प्रमाण है. इसी तरह 2014 से पहले केवल 84 जगहों पर छापेमारी की गई थी, लेकिन 2014 के बाद ईडी ने 7 हजार जगहों पर छापेमारी की.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में एक नैरेटिव बनाया गया है कि बीजेपी अपर कास्ट की पार्टी है, जबकि सच ये है कि भाजपा में सबसे ज्यादा एससी हैं, सबसे ज्यादा एसटी हैं, सबसे ज्यादा ओबीसी हैं. फिर नैरेटिव बनाया गया कि भाजपा अर्बन पार्टी है, आज भाजपा में ग्रामीण लोग सबसे ज्यादा हैं. फिर नैरेटिव बनाया गया कि भाजपा पुरातनपंथी पार्टी है, नया सोच ही नहीं सकती है. आज दुनिया में डिजिटल मूवमेंट का नेतृत्व भाजपा शासित सरकार कर रही है. ये जो भ्रम फैलाए गए हैं, वो गलत हैं.
पीएम मोदी ने Asianet Newsable को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैं शासन नहीं करता, मैं सेवा करता हूं. मैं लोगों के लिए एक सामान्य नागरिक से भी ज्यादा कड़ी मेहनत करने का प्रयास करता हूं. उन्होंने कहा कि 2014 आशा का काल था. जनता को मुझसे आशा थी और मुझे देश की जनता की आशाओं को पूरा करने की आशा थी. मैं शासन नहीं करता, सेवा करता हूं. मेरे लिए सरकार चलाने का मतलब सरकार चलाते हुए अपने पद का आनंद लेना नहीं है. उन्होंने कहा कि 2024 का चुनाव मोदी नहीं लड़ रहा है, भाजपा नहीं लड़ रही है, ये देश की जनता लड़ रही है. देश की जनता 10 साल के अनुभव के अनुसार निर्णय कर चुकी है.
देश ने तीन दशक तक अस्थिर सरकारें देखींः PM मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने तीन दशकों तक अस्थिर सरकारें देखीं. इन सरकारों ने देश का बहुत नुकसान किया. देश के मतदाताओं ने अनुभव किया है कि एक स्थिर सरकार क्या कर सकती है. इसलिए मेरा मानना है कि 2024 का चुनाव बीजेपी या मोदी नहीं लड़ रहे हैं. यह लोगों की पहल है. लोगों ने अपने अनुभव के आधार पर अपना मन बना लिया है और इसलिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है. पीएम मोदी ने कहा कि हमने डिजिटल अप्रोच लिया, ह्यूमन इंटरवेंशन को हम कम से कम करने की कोशिश कर रहे हैं. किसी प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम एक रुपया भेजते हैं, तो 15 पैसा ही पहुंचता है. 85 पैसा बीच में कोई न कोई पंजा खा ही जाता था. अब हम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) कर रहे हैं. ED ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जितने मामले दर्ज किए हैं, उनमें से सिर्फ 3% लोग ही राजनीति से जुड़े हैं. भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने के लिए कोई संस्था बनाई गई है, वो काम न करे तो सवाल पूछना चाहिए. काम करे तो सवाल पूछा जा रहा है, ये लॉजिक ही नहीं बनता है.
'हमारे लिए केरल सत्ता पाने का मैदान नहीं'
हमारे देश के नगरिकों के सामर्थ्य को कम नहीं आंकना चाहिए. मैंने एक बार लाल किले से कहा था कि जो लोग अफॉर्ड कर सकते हैं, वो गैस की सब्सिडी छोड़ दें. 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने गैस की सब्सिडी छोड़ दी. मेरे देश के लोग हमसे ज्यादा देश को प्यार करते हैं, हमसे ज्यादा देश के लिए करने को तैयार हैं. जनसंघ के जमाने से हम पूरे देश की सेवा करना चाहते हैं, देश के हर हिस्से की सेवा करना चाहते हैं. राजनीतिक फायदा देखकर काम करना हमारा सिद्धांत नहीं है. हमारे लिए केरल, सत्ता पाने का एक मैदान नहीं है. हमारे लिए केरल भी सेवा क्षेत्र है और हम उतनी ही लगन से सेवा कर रहे हैं. हम देश के प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाने में विश्वास करते हैं. एक सरकार को लोगों का बोझ कम करना चाहिए, लेकिन ऐसा करने का एक तरीका है. उदाहरण के लिए हमने 11,000 जन औषधि केंद्र खोले हैं और हमारा इरादा इसे 25,000 तक ले जाने का है. जन औषधि केंद्र सस्ती दवाएं और चिकित्सा उपकरण प्रदान करते हैं.
'जब मैं CM था तो केंद्र द्वारा मेरे साथ बहुत अन्याय होते थे'
देश के राजनीति दल भारत के संविधान को समर्पित होने चाहिए और भारत का संविधान हम सब को देश की एकता और अखंडता का दायित्व देता है. अगर कोई देश को तोड़ने की बात करता है, तो उसे राजनीति दलों को गंभीरता से लेना चाहिए. तत्कालीन स्वार्थ के लिए ऐसी भाषा और ऐसे इरादों से बचना चाहिए. मैं जब गुजरात में था, तब मेरे साथ केंद्र सरकार द्वारा बहुत अन्याय होते थे, लेकिन मेरा एक ही मंत्र होता था कि 'भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास'. हम सबको मिलकर भारत को बहुत आगे बढ़ाना है और इसमें हमें कोई समझौता नहीं करना चाहिए.
300 सहकारी बैंक वामपंथियों द्वारा चलाए जाते हैंः पीएम
इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं सहकारिता पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं, क्योंकि यह आम आदमी से जुड़ा है. गरीब लोग अपनी मेहनत की कमाई सहकारी बैंकों में जमा करते हैं. लगभग 300 सहकारी बैंक वामपंथियों द्वारा चलाए जाते हैं और इन बैंकों में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये जमा हैं. सहकारी बैंकों पर नियंत्रण रखने वाले लोगों ने दूसरे लोगों की चिंता किए बिना संपत्तियां खरीदीं. केरल में हमारे कई कार्यकर्ताओं को गोलियों से भून दिया गया, जिससे राजनीतिक हत्याएं हुईं. इसके बावजूद हम अभी भी केरल में सेवा दे रहे हैं. केरल में हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए वामपंथी कैडर को जेल की सजा सुनाई गई है. देश का हर कोना हमारा है.
'केरल में वामपंथ अपनी जमीन खो रहा'
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस देश का दुर्भाग्य है कि पश्चिम एशिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने का काम पिछली सरकारों ने नहीं किया. आज हमारा रिश्ता बहुत मजबूत है और हम विक्रेता/खरीदार से व्यापक विकास की ओर बढ़ रहे हैं. आपदाओं के दौरान हमारे कई कार्यकर्ताओं ने मदद का हाथ बढ़ाया और इसलिए केरल में वामपंथ अपनी जमीन खो रहा है. लोगों को यह एहसास हो रहा है कि उन्हें वामपंथी दलों द्वारा मूर्ख बनाया जा रहा है. दूसरे देशों के लोग भी अगर एक बार तिरंगा लेकर चल पड़े और भारत माता की जय बोले, तो कोई पूछता नहीं है कि किस देश का नागरिक है, उसको जाने देते हैं. आने वाले समय में भारत के ग्रोथ में बहुत बड़ा योगदान टूरिज्म का होने वाला है. G20 में मैंने अनुभव किया है कि टूरिज्म इंडस्ट्री बहुत फलने वाली है.
'अंग्रेजों के लिए कानून अलग था और भारतीयों के लिए अलग'
पीएम मोदी ने कहा कि वीआईपी संस्कृति की शुरुआत औपनिवेशिक काल से हुई. अंग्रेजों के लिए कानून अलग था और भारतीयों के लिए अलग. अंग्रेजों के जाने के बाद इसे त्याग देना चाहिए था. हालांकि स्वतंत्र भारत में इसे बरकरार रखा गया. मैंने गुजरात में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान अपने मंत्रियों को लाल बत्ती का उपयोग करने से बचने की सलाह दी थी. मेरे लिए हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है.
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