कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA ब्लॉक के अपने साथी दलों को एक चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि ये लोकसभा चुनाव ‘लोकतंत्र और संविधान’ बचाने की लड़ाई है. उन्होंने चुनाव आयोग के चिंताजनक रवैये के बारे में लिखते हुए कहा कि अंतिम मतदान प्रतिशत के आंकड़े जारी करने में हो रही अत्यधिक देरी और उस डेटा में पाई गई विसंगतियां इन चुनावों की स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रकृति पर गंभीर संदेह पैदा कर रही है.
खड़गे ने कहा कि यह कोई सामान्य चुनाव नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र और संविधान को बचाए रखने की लड़ाई है. इस संदर्भ में, लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाना और ईसीआई को जवाबदेह बनाना हमारा सामूहिक कर्तव्य है ताकि वह अपने मामलों को जिम्मेदारी से संचालित कर सके.
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खड़गे का सवाल
खड़गे ने कहा, 'पहले चुनाव आयोग 24 घंटे के अंदर यह बता देता था कि कितना फीसदी मतदान हुआ है, लेकिन इस बार देरी हो रही है, उसकी वजह क्या है? इसे लेकर अभी तक आयोग द्वारा कोई सफाई क्यों नहीं दी गई है. देरी के बाद भी जो डेटा आयोग ने रिलीज किया है उसमें कई अहम जानकारियां नहीं हैं. आयोग को बताना चाहिए कि हर पोलिंग स्टेशन पर कितना प्रतिशत मतदान हुआ.' उन्होंने सभी सहयोगी दलों से इस तरह की कथित गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की.
टीएमसी ने आयोग को लिखी चिट्ठी
वहीं ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है. टीएमसी ने अपनी चिट्ठी में लिखा, 'आयोग लोकसभा 2024 के आगामी आम चुनावों के चरण 1 और 2 के लिए डाले गए वोटों के संसदीय क्षेत्रवार सटीक आंकड़े तत्काल प्रस्तुत करें, साथ ही यह भी बताए कि मतदान रिपोर्ट जारी करने में इतनी देरी क्यों हुई और इन्हें 30.04.2024 को इतनी देर में क्यों जारी किया गया, इस पर भी स्पष्टीकरण दें. उक्त चरणों के लिए मतदान प्रतिशत की कुल संख्या (आंकड़ों में) और पात्र मतदाताओं की कुल संख्या का भी विवरण दें.'
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बताते चलें कि चुनाव आयोग ने दो चरणों में हुई वोटिंग के मतदान प्रतिशत की जानकारी देरी से थी. आयोग ने जानकारी देते हुए बताया कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 66.14 प्रतिशत और दूसरे चरण में 66.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है. इस डेटा के आने के बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और CPM जैसी पार्टियों ने पूछा कि आखिर चुनाव आयोग को इतनी देरी क्यों हुई.
अपूर्वा जयचंद्रन / पॉलोमी साहा