चुनाव आयोग के न्योते पर 23 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों से जुड़े 75 आला अधिकारी अंतर्राष्ट्रीय आगंतुक के तौर पर भारत में चल रहे चुनाव को देखने आए हैं. निर्वाचन आयोग ने वैश्विक चुनाव प्रबंधन निकायों (EMB) को भारत में लोकतांत्रिक उत्कृष्टता को रूबरू देखने की पेशकश की. चुनाव आयोग देश में उच्चतम मानकों के साथ आम चुनाव कराने की अपनी प्रतिबद्धता का उदाहरण दुनिया के सामने रख रहा है.
निर्वाचन आयोग देशभर में 18वीं लोकसभा के लिए चल रहे चुनाव के दौरान इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम के आयोजन कर लगातार अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा दे रहा है. भागीदारी के पैमाने के मामले में यह ऐसा पहला आयोजन है, जिसमें 23 देशों जैसे भूटान, मंगोलिया, ऑस्ट्रेलिया, मेडागास्कर, फिजी, किर्गिज़ गणराज्य, रूस, मोल्दोवा, ट्यूनीशिया, सेशेल्स, कंबोडिया, नेपाल, फिलीपींस, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, बांग्लादेश, कजाकिस्तान, जॉर्जिया, चिली, उज्बेकिस्तान, मालदीव, पापुआ न्यू गिनी और नामीबिया से चुनाव प्रबंधन निकायों और संगठनों के 75 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.
इसमें इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर इलेक्टोरल सिस्टम्स (आईएफईएस) के सदस्य और भूटान और इज़रायल की मीडिया टीमें भी भाग ले रही हैं. 4 मई से शुरू हुए इस कार्यक्रम का मकसद विदेशी प्रबंधन निकायों को भारत की चुनावी प्रणाली की बारीकियों के साथ-साथ दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव के लिए अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से परिचित कराना है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार अपने सहयोगी आयुक्त ज्ञानेश कुमार और डॉ. सुखबीर सिंह संधू के साथ 5 मई यानी रविवार को इन विदेशी प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे. इसके बाद प्रतिनिधि छोटे-छोटे समूहों में छह राज्यों- महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की यात्रा पर निकलेंगे. वहां के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान और संबंधित तैयारियों का निरीक्षण करेंगे. यह कार्यक्रम 9 मई 2024 को समाप्त होगा.
संजय शर्मा