गुजरात चुनाव: 'बाहुबली अभी जिंदा है', टिकट न मिलने पर BJP छोड़ चुके नेता ने दिखाए पैंतरे

गुजरात चुनाव में टिकट ना मिलने से नाराज बीजेपी से छह बार विधायक रह चुके मधु श्रीवास्तव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. बीजेपी ने उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन मधु श्रीवास्तव ने उनकी एक नहीं सुनी और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन का पर्चा भरा.

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मधु श्रीवास्तव मधु श्रीवास्तव

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 18 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 1:15 PM IST

गुजरात विधानसभा चुनाव में वडोदरा की वाघोडिया सीट से बीजेपी का टिकट ना मिलने से नाराज छह बार के विधायक और दबंग नेता मधु श्रीवास्तव ने निर्दलीय के तौर पर नामांकन दाखिल किया है. नामांकन दाखिल करने से पहले मधु श्रीवास्तव ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह किसी से डरते नहीं हैं.

मधु श्रीवास्तव ने कहा कि यह बाहुबली अभी जिंदा है, अगर कोई आपका कॉलर पकड़ ले और उसके घर में घुसकर गोली नहीं मारा तो मेरा नाम मधु श्रीवास्तव नहीं. जिसे लड़ना हो मैदान में आ सकता है, किसी से डरने की जरूरत नहीं है. भारत आजाद है, किसी की धमकी से हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है. मधु श्रीवास्तव ने वाघोडिया में अवैध निर्माण को वैध कराने का भी वादा किया.

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मधु श्रीवास्तव ने पार्टी से दिया इस्तीफा

बता दें कि चुनाव में टिकट ना मिलने से नाराज मधु श्रीवास्तव ने बीते दिनों बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था. बीजेपी ने उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की. खुद गुजरात बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल और गृहमंत्री हर्ष सांघवी समेत कई नेताओं ने उनसे बातचीत भी की. लेकिन मधु श्रीवास्तव ने उनकी एक नहीं सुनी और निर्दलीय के तौर पर नामांकन भर दिया. 

इस बारे में जब पाटिल से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी ने ऐसे बागी नेताओं से बात की थी. अगर नामांकन वापस लेने की तारीख तक फॉर्म वापस नहीं लिया तो पार्टी ऐसे नेताओं को सस्पेंड करेगी. 

बता दें कि मधु श्रीवास्तव ने टिकट नहीं मिलने की वजह से बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफा देने के बाद कहा था कि मैं लंबे समय से बीजेपी का कार्यकर्ता था. पार्टी ने मुझे लंबे समय तक सेवा करने का मौका दिया. लेकिन इस बार बीजेपी ने मुझे टिकट नहीं दिया, जिससे मेरे कार्यकर्ता नाराज हैं. मैं अब भी समाज की सेवा करना चाहता हूं. मैंने 500 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. मैंने तन, मन और धन से भाजपा के लिए काम किया है. पांच बार सेवा करने का मौका देने के लिए मैं बीजेपी का शुक्रगुजार हूं.

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दरअसल, मधु श्रीवास्तव इसे पहले भी कई बार विवादों में आ चुके हैं. उन्होंने स्थानीय निकाय के चुनाव में अपने बेटे के लिए बीजेपी से टिकट मांगा था, लेकिन टिकट ना मिलने पर उन्होंने काफी हंगामा किया था और अपने बेटे को निर्दलीय चुनाव भी लड़ाया था. लेकिन वो स्थानीय निकाय के चुनाव में हार गया.

जेल भी जा चुके हैं मधु श्रीवास्तव

मधु श्रीवास्तव 1996 में पहली बार निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़कर जीते थे. इसके बाद उन्होंने केशुभाई की सरकार के समय बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. 2002 में वडोदरा में दंगों के बेस्ट बेकरी केस के मामले में भी मधु श्रीवास्तव को जेल की हवा खानी पड़ी थी. लेकिन बाद में वो निर्दोष साबित हुए. मधु श्रीवास्तव अपने दंबग अंदाज के लिए जाने जाते हैं.

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा की 182 सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है. पहले चरण का मतदान एक दिसंबर और दूसरे चरण में 5 दिसंबर को वोटिंग होगी. चुनाव नतीजों का ऐलान 8 दिंसबर को किया जाएगा. इस बार के चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी भी जोर-शोर से ताल ठोक रही है.

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