कौन हैं आराधना मिश्रा? जिन्हें अजय राय की जगह मिल सकती है यूपी कांग्रेस की कमान

आराधना मिश्रा, जिन्हें मोना के नाम से भी जाना जाता है, रामपुर खास से तीन बार की विधायक और CLP नेता हैं. वह कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और दो दशक से ज्यादा समय से राजनीति में सक्रिय हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी मानी जाने वाली आराधना मिश्रा ने उनके ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में भी काम किया था.

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आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा. (Photo- aradhanam7000) आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा. (Photo- aradhanam7000)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में संगठन में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्षों के नामों को लेकर नई जानकारी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, रामपुर खास से विधायक और CLP नेता आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपे जाने की चर्चा है.

वहीं, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि पार्टी जल्द ही इन नियुक्तियों का ऐलान कर सकती है. दरअसल, उत्तर प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से संगठन में बड़े बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थीं. माना जा रहा था कि पार्टी जल्द ही प्रदेश संगठन को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है.

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इस बदलाव के तहत मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पद से हटाए जाने की संभावना जताई जा रही थी. यह भी बताया गया था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अजय राय के साथ बैठक कर उन्हें पार्टी के इस संभावित फैसले की जानकारी दे दी थी.

आराधना मिश्रा कौन हैं?

आराधना मिश्रा, जिन्हें मोना के नाम से भी जाना जाता है, रामपुर खास से विधायक और CLP नेता हैं. वह दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं, जो राज्यसभा सांसद हैं. आराधना मिश्रा का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे चल रहा है.

प्रियंका गांधी की करीबी

आराधना मिश्रा तीन बार विधायक रह चुकी हैं. उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति की अच्छी समझ रखने वाली नेता के तौर पर देखा जाता है. उन्होंने अपने पिता से राजनीतिक विरासत संभाली है. प्रमोद तिवारी रामपुर खास से नौ बार विधायक रहे थे, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली पर ध्यान केंद्रित किया और राज्यसभा सदस्य बने. प्रतापगढ़ की इस विधानसभा सीट पर तिवारी परिवार का लगातार 47 साल से प्रभाव रहा है. आराधना मिश्रा दो दशक से ज्यादा समय से राजनीति में सक्रिय हैं और प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी मानी जाती हैं. उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में भी उनके साथ बड़े स्तर पर काम किया था.

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यह भी पढ़ें: इमरान मसूद बन सकते हैं यूपी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष, मुस्लिम वोटों पर पार्टी की नजर

एंटी-ब्राह्मण छवि का फायदा

पार्टी को ब्राह्मण समुदाय तक पहुंच बनाने की जरूरत महसूस हुई थी और माना गया कि शीर्ष पद पर ब्राह्मण चेहरा पार्टी के लिए बेहतर काम कर सकता है. राहुल गांधी राज्य यूनिट से जुड़े घटनाक्रम पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं. वहीं, दलित चेहरे को राज्य प्रभारी बनाए जाने का फैसला भी नेता प्रतिपक्ष ने लिया था. इसका मतलब यह होगा कि दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम के राज्य प्रभारी और ब्राह्मण चेहरे के प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ पार्टी ब्राह्मण-दलित वोट बैंक तक पहुंच बनाने और उसे मजबूत करने की कोशिश कर सकती है. साथ ही, योगी सरकार की कथित एंटी-ब्राह्मण छवि का फायदा उठाने की भी कोशिश की जा सकती है.

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