उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने के साथ ही बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपना ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है. बुधवार को राजधानी लखनऊ के एक रिसॉर्ट में अवध और कानपुर प्रांत के संघ और बीजेपी पदाधिकारियों की एक अहम समन्वय बैठक हुई. इस दौरान पदाधिकारियों से फीडबैक लिया गया तो उन्होंने कई चुनौतियां बताईं.
संघ, सरकार और संगठन की बैठक का मुख्य एजेंडा विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त करना, संगठन और सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में पनप रहे असंतोष को दूर करना रहा.
बुधवार की बैठक में सभी का फीडबैक लेने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने स्पष्ट कहा कि कई बार हमारे ही लोग विपक्ष के नैरेटिव में उलझ जाते हैं. सबसे पहले तो इससे बचें. विपक्ष के नैरेटिव में फंसने के बजाय अपने गोल सेट करें. हमें अपने चुनावी पिच पर खेलकर विपक्ष को मात देनी है।
पदाधिकारियों ने बताया सबसे बड़ी चुनौती
संघ के सर सहकार्यवाह अरुण कुमार और बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने आरएसएस, बीजेपी के सभी पदाधिकारियों से सीधे धरातल का फीडबैक लिया. अवध और कानपुर प्रांत के नेताओं ने साफ-सुधरे शब्दों में सरकार और संगठन के सामने खड़ी चुनौतियों को टेबल पर रखा.
युवा और शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई. UGC नियम, पेपर लीक और रोजगार को लेकर युवाओं में जारी आक्रोश को 2027 के लिहाज से बड़ी चुनौती माना गया. विपक्ष के इन मुद्दों पर आक्रामक होने और हाल में हुए प्रदर्शनों का जिक्र भी किया गया. साथ ही प्रशासन के निचले स्तर पर फैले भ्रष्टाचार और आम जनता की शिकायतों पर समय से सुनवाई न होने को लेकर चिंता जताई गई.
समन्वय बैठक में यह फीडबैक प्रमुखता से उभरा कि अपनी ही सरकार में कार्यकर्ताओं की सुनवाई न होने से संगठन के भीतर असंतोष पनप रहा है.पक्ष द्वारा चलाए जा रहे जातिवादी एजेंडे से आम जनता और युवाओं के बीच बनते भ्रम को दूर करने की रणनीति पर चर्चा हुई.
विपक्ष के नैरेटिव में न फंसने का दिया गुरुमंत्र
संघ और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विपक्ष द्वारा सेट किए गए नैरेटिव के जाल में उलझने के बजाय अपने ट्रैक रिकॉर्ड और सरकार के जनकल्याणकारी कामों पर फोकस करें.
बैठक में साफ कहा गया कि विपक्ष अपने मुद्दों को लेकर हमलावर रहेगा, लेकिन संगठन को उसके नैरेटिव में फंसने से बचना होगा. UGC और पेपर लीक जैसे मामलों में सरकार द्वारा बनाए गए कड़े कानूनों और की गई कड़ी कार्रवाइयों को तथ्यों के साथ जनता और अपने कार्यकर्ताओं के बीच स्पष्ट करें.
सरकार के काम को जनता में ले जाने का टास्क
पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू किया गया सेवा पखवाड़ा और जनसंपर्क. इस दौरान वर्तमान में चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए हर वर्ग तक पहुंचने और बूथ स्तर तक संगठन को दोबारा सक्रिय करने के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि हमे अपने नैरेटिव सेट करने होंगे. केंद्र और राज्य सरकारों ने जनहित के जो काम किए हैं, उनको लेकर जनता के बीच जाना होगा.
वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार जो कर रही है, उसे जनता के सामने रखें. अभी एक महीने सेवा संकल्प अभियान चल रहा है. इस अभियान के जरिए हमे जन-जन तक पहुंचना होगा. ज्यादा से ज्यादा लोगों को हमें इस अभियान से जुड़ना होगा.
समन्वय बैठक में निचले स्तर तक सरकार, पार्टी और संघ के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया गया ताकि कार्यकर्ताओं की शिकायतों का तुरंत निपटारा हो सके. योगी सरकार की कानून-व्यवस्था में सुधार और विकास कार्यों को 2027 के चुनाव में मुख्य हथियार बनाने पर सहमति बनी.
तीन चरणों में हुआ मंथन, दिग्गज रहे मौजूद
लखनऊ की यह समन्वय बैठक कुल तीन चरणों में संपन्न हुई. पहले चरण में सभी पदाधिकारियों के साथ सामूहिक बैठक हुई, जबकि दूसरे और तीसरे चरण में अवध और कानपुर प्रांत की अलग-अलग समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं.
इस हाई-लेवल बैठक में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, संघ के पूर्वी क्षेत्र के प्रचारक अनिल कुमार, अवध के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर और कानपुर के प्रांत प्रचारक श्रीराम समेत तमाम आनुषांगिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे.
आशीष श्रीवास्तव