उत्तर प्रदेश में बीजेपी को झटका लगा है. बदायूं जिले की बिसौली विधानसभा सीट से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. करीब 11 साल तक बीजेपी में रहने के बाद उनके इस फैसले ने सबका ध्यान खींचा है. अब उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चा तेज है.
कुशाग्र सागर ने अपने इस्तीफे में 'सम्मान और अपनापन' नहीं मिलने की बात कही है. उन्होंने लिखा कि पार्टी के लिए लंबे समय तक काम करने के बाद भी जब उम्मीद के मुताबिक सम्मान नहीं मिलता, तो मन को ठेस पहुंचती है. उन्होंने यह भी बताया कि बीजेपी छोड़ने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था.
आशुतोष मौर्य की मुलाकात से नाराजगी की चर्चा
कुशाग्र सागर के इस्तीफे के पीछे सपा विधायक आशुतोष मौर्य की बीजेपी नेताओं से मुलाकात को भी एक वजह बताया जा रहा है. चर्चा है कि इस घटनाक्रम से कुशाग्र सागर नाराज थे. हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे में इस मुलाकात को सीधे तौर पर वजह नहीं बताया है.
कुशाग्र सागर ने 21 अक्टूबर 2026 को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया. उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि किसी संगठन से 11 साल तक जुड़े रहना सिर्फ राजनीतिक जुड़ाव नहीं, बल्कि भावनात्मक रिश्ता भी होता है. उन्होंने कहा कि निजी मुश्किलों के बावजूद वह पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहे. अपनी क्षमता के मुताबिक संगठन और कार्यकर्ताओं की मदद की. उन्होंने बीजेपी को अपना परिवार माना और उसे मजबूत बनाने के लिए समय और मेहनत लगाई.
कुशाग्र सागर ने पार्टी में बिताए समय, मिले अवसरों और अनुभवों के लिए आभार भी जताया. उन्होंने इस दौरान साथ देने वाले लोगों का धन्यवाद किया. उनके मुताबिक, यह फैसला उनके राजनीतिक सफर का एक भावुक पड़ाव है.
27 या 28 अक्टूबर को सपा में हो सकते हैं शामिल
बीजेपी से इस्तीफे के बाद अब कुशाग्र सागर के समाजवादी पार्टी में जाने की चर्चा है. सुत्रों के मुताबिक, वह 27 या 28 अक्टूबर को सपा में शामिल हो सकते हैं. फिलहाल कुशाग्र सागर ने बीजेपी के साथ करीब 11 साल पुराना नाता तोड़ लिया है. अब सबकी नजर उनके अगले राजनीतिक कदम पर है.
समर्थ श्रीवास्तव