गिग वर्कर इकॉनोमी में मेट्रो सिटीज़ में कमाई के रास्ते खोल दिए हैं. एक तरफ जहां बहुत से पुरुष डिलीवरी बॉय या बाइक राइडर का काम कर रहे हैं, तो वहीं घरेलू महिलाओं के लिए भी कई ऐसे ऐप्स आ गए हैं जो कमाई का मौका देते हैं, यहां बस घरेलू कामकाज करना होता है लेकिन उससे पहले मिलने वाली ट्रेनिंग भी ज़रूरी है.
प्रोंटो और स्नैबिट जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़ने वाली महिलाओं के लिए ट्रेनिंग पूरी तरह मुफ्त होती है. ये ट्रेनिंग 3 दिन (कुल 25 घंटे) के प्रोग्राम में दी जाती है और इसका मकसद काम शुरू करने से पहले जरूरी तरीके, सुरक्षा के नियम और ग्राहकों के साथ बर्ताव सिखाना होता है.
इनकी वेबसाइट्स पर जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक ट्रेनिंग सेंटर पर ये प्रक्रिया आसान और प्रैक्टिकल रखी जाती है. ट्रेनर आसान भाषा में समझाते हैं, पूरा समय देते हैं और कोशिश रहती है कि किसी को काम समझने में दिक्कत न हो.
इस ट्रेनिंग में काम करने के सही तरीके, सुरक्षा के नियम और ग्राहकों के साथ बर्ताव करने के तौर-तरीके सिखाए जाते हैं. नजदीकी सेंटर पर अनुभवी ट्रेनर बर्तन धोने, सफाई करने और सुरक्षा के कड़े नियमों को भी आसान भाषा में समझाते हैं. ट्रेनिंग पूरी होने पर पहली यूनिफॉर्म, जैसे प्रोंटो टी-शर्ट, मुफ्त दी जाती है और उसे पहनकर काम शुरू किया जाता है.
3 दिन की ट्रेनिंग पूरी करने और पास होने के ठीक अगले दिन से पहली शिफ्ट और कमाई शुरू की जा सकती है. नई सर्विसेज जुड़ने, सेफ्टी नियमों के अपडेट होने या सर्विस की क्वालिटी सुधारने के लिए समय-समय पर आगे भी अतिरिक्त ट्रेनिंग दी जाती है.
किसी भी नए प्लेटफॉर्म या अनजान घर में जाकर काम करने की जो झिझक होती है, वो इस ट्रेनिंग में खत्म करने की कोशिश की जाती है. ये बिल्कुल उसी तरह की ट्रेनिंग है, जो जेप्टो, ब्लिंकिट जैसे अन्य ऐप्स अपने डिलीवरी पार्टनर को देते हैं.
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