फ्री कोचिंग, सस्ता डेटा, विदेशी यूनिवर्सिटीज... लाल क‍िले से PM मोदी ने Gen-Z को दिए ये गिफ्ट?

लाल क‍िले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि कैसे युवाओं के ल‍िए सरकार लगातार काम कर रही है. अब देश के छोटे शहरों और गांवों के होनहार छात्रों को महंगी कोचिंग फीस के कारण पीछे नहीं हटना पड़ेगा. सरकार एक ऐसा डिजिटल और ऑन-ग्राउंड नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए टॉप फैकल्टीज और स्टडी मैटेरियल मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा.

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PM Narendra Modi at Red Fort (Image: PTI) PM Narendra Modi at Red Fort (Image: PTI)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:40 AM IST

80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन इस बार देश की 'Gen-Z' (युवा पीढ़ी), छात्रों और शोधकर्ताओं पर पूरी तरह केंद्रित नजर आया. पीएम मोदी ने अपने भाषण में साफ किया कि भारत को 'विकसित भारत @2047' बनाने की चाबी देश के युवाओं और छात्रों के हाथों में है.

शिक्षा, रिसर्च, डिजिटल कनेक्टिविटी से लेकर वैश्विक स्तर के अवसरों तक पीएम मोदी ने लाल किले से युवाओं के लिए बड़े विजन का खाका खींचा. जानिए लाल किले की प्राचीर से Gen-Z और छात्रों को मिले 5 बड़े गिफ्ट्स क्या हैं? 

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'फ्री कोचिंग नेटवर्क' और डिजिटल लर्निंग का बड़ा तोहफा
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और गरीब परिवार के युवाओं के लिए पीएम मोदी ने एक ऐतिहासिक ऐलान किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हम देश में फ्री कोचिंग देने का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे. हमारा लक्ष्य गरीब से गरीब तक अच्छी शिक्षा पहुंचाना है. युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग और डिजिटल तैयारी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.' 

क्या है इसका असर?

अब देश के छोटे शहरों और गांवों के होनहार छात्रों को महंगी कोचिंग फीस के कारण पीछे नहीं हटना पड़ेगा. सरकार एक ऐसा डिजिटल और ऑन-ग्राउंड नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए टॉप फैकल्टीज और स्टडी मैटेरियल मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा.

रिसर्च और इनोवेशन के लिए ₹1 लाख करोड़ का फंड

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भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता बनाने के बजाय 'ग्लोबल इनोवेशन हब' बनाने के लिए पीएम मोदी ने रिसर्च और R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) को लेकर बड़ा विजन पेश किया. PM मोदी ने कहा,'हमने युवाओं को रिसर्च के नए अवसर दिए हैं. इनोवेशन के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है. हमारे प्राइवेट स्टार्टअप्स में 28 साल की औसत उम्र के युवाओं ने अपने ट्रायल सैटेलाइट लॉन्च करके कमाल दिखाया है. देश में आज 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं.'

भारत में ही मिलेगी ग्लोबल डिग्री

अब विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देखने वाले Gen-Z के लिए यह सबसे बड़ी खबर है. पीएम मोदी ने बताया कि देश के एजुकेशन सिस्टम का मान अब पूरी दुनिया में बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने लाल क‍िले की प्राचीर से कहा कि' दुनिया की जानी-मानी और शीर्ष विदेशी यूनिवर्सिटीज भी अब भारत आ रही हैं.' इसका असर ये होगा कि भारतीय छात्रों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल एक्सपोजर पाने के लिए विदेश जाकर लाखों-करोड़ों खर्च नहीं करने होंगे और वो भारत में रहकर ही ग्लोबल डिग्री हासिल कर सकेंगे.

650 नई यूनिवर्सिटीज और बढ़ी मेडिकल सीटें

देश के भीतर उच्च शिक्षा और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में पिछले एक दशक में आए क्रांतिकारी बदलावों का आंकड़ा भी पीएम मोदी ने साझा किया.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '10-12 साल में देश के अंदर 650 नई यूनिवर्सिटीज खुली हैं. देश में मेडिकल की सीटें बढ़कर करीब 850 हो चुकी हैं, जबकि 2014 से पहले यह आंकड़ा सिर्फ 400 के आसपास सिमटा हुआ था.'  

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इसके अलावा पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि 2014 के बाद देश में युवाओं के कौशल (Skill Development) को निखारने के लिए विशेष नीतियां बनाई गईं. बताया क‍ि 35 साल के लंबे अंतराल के बाद लागू की गई नई शिक्षा नीति ने रटने की परंपरा को खत्म कर व्यावहारिक ज्ञान पर ध्यान दिया है. साथ ही भारत में उपलब्ध दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट डेटा आज Gen-Z को घर बैठे नई स्किल्स सीखने, स्टार्टअप्स शुरू करने और डिजिटल इकोनॉमी से जुड़ने का मौका दे रहा है.

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