जयपुर के सीतापुरा में रविवार को NEET-PG 2026 की परीक्षा देने पहुंचे मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए तीन घंटे का एग्जाम किसी बुरे सपने से कम नहीं था. सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होने वाली कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा के दौरान बार-बार तकनीकी और बिजली की समस्या सामने आती रही. स्टूडेंट्स का आरोप है कि हर 10 से 15 मिनट में बिजली जा रही थी, जिससे कंप्यूटर सिस्टम प्रभावित हो रहे थे और कई अभ्यर्थी ठीक से परीक्षा ही नहीं दे पाए.
पेपर में शामिल हुए डॉ. गौरव ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कहा कि दो घंटे में एग्जाम 10 बार शुरू हुआ और 10 बार खत्म हुआ. ऐसा क्यों हो रहा था, इसका जवाब देने वाला कोई अथॉरिटी नहीं थी. उनका यह बयान उस अव्यवस्था को बयां करता है, जिसका सामना परीक्षा हॉल में बैठे स्टूडेंट्स ने किया. हालांकि, परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और नई तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. पेपर का आयोजन 5 सितंबर को किया जाएगा.
मामले की जानकारी के बाद
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची. ACP ललित शर्मा ने बताया कि सेंटर का सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा था. उन्होंने कहा कि कुछ अभ्यर्थियों के कंप्यूटर खुल रहे थे, जबकि कुछ के नहीं खुल रहे थे, जिसकी वजह से परीक्षा प्रभावित हुई. स्टूडेंट्स ने सेंटर पर बेसिक सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए.
उनका आरोप है कि एग्जाम हॉल में पर्याप्त कूलिंग की व्यवस्था नहीं थी. कई जगह एसी, पंखे या कूलर की सुविधा को लेकर भी शिकायतें सामने आईं. इसके अलावा पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई है.
तीन घंटे का समय पूरा होने के बाद जब स्टूडेंट्स अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए तो गुस्सा फूट पड़ा. सेंटर के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया. कोई हाथ में न्याय की मांग लिए खड़ा था तो कोई अपनी सालों की मेहनत बर्बाद होने की चिंता में परेशान था. बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावक भी भावुक नजर आए. उनके चेहरों पर चिंता और आंखों में आंसू साफ दिखाई दिए.
परीक्षा का ऐलान
इसी बीच नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस यानी NBEMS ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान किया. जयपुर के सीतापुरा स्थित iON Digital Zone iDZ के सेंटर नंबर 41,682 और 41,683 पर प्रभावित उम्मीदवारों के लिए अब 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा कराई जाएगी. NBEMS ने कहा कि इन सेंटरों पर “internal power supply issues” की वजह से परीक्षा पूरी नहीं हो सकी और प्रभावित अभ्यर्थियों से हुई असुविधा के लिए माफी मांगी.
छात्रों की चिंता
लेकिन स्टूडेंट्स की नाराजगी अभी खत्म नहीं हुई है. उनकी मांग है कि सिर्फ एक-दो सेंटर पर दोबारा परीक्षा कराने के बजाय सभी सेंटरों के लिए परीक्षा फिर से आयोजित की जाए. उनका तर्क है कि NEET-PG जैसी परीक्षा में एक-एक नंबर रैंक पर बड़ा असर डालता है. ऐसे में अलग-अलग परिस्थितियों में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के बीच समानता कैसे सुनिश्चित होगी, यह बड़ा सवाल है.
स्टूडेंट्स का आरोप है कि गलती उनकी नहीं थी, फिर नुकसान भी उन्हें ही क्यों उठाना पड़े? अब उनकी मांग सिर्फ री-एग्जाम नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी जांच और बराबरी का मौका है. NEET-PG की यह परीक्षा अब सिर्फ मेडिकल सीटों की दौड़ नहीं रही बल्कि यह परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल बन गई है.
रिदम जैन