NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद NTA ने परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके तहत NTA ने अपने मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और अन्य संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक प्राइवेट एजेंसी की नियुक्ति करने का फैसला किया है. इसके लिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है. इसके साथ ही NTA ने कार्यालयों की साफ-सफाई (हाउसकीपिंग) और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित छपाई के लिए भी नई एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं. इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है.
क्या है सुरक्षा के इंतजाम?
रिपोर्ट के मुताबिक, 25 जुलाई को जारी टेंडर के अनुसार, चुनी गई सुरक्षा एजेंसी दिल्ली के मिंटो रोड स्थित NTA मुख्यालय, ओखला क्षेत्रीय कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी. इस एजेंसी की जिम्मेदारी कर्मचारियों, आने वाले लोगों, गोपनीय परीक्षा सामग्री, सर्वर रूम, तिजोरी, स्टोर रूम और जरूरी दस्तावेजों की सुरक्षा करना होगा. यह सुरक्षा अनुबंध शुरुआत में दो साल के लिए होगा, जिसे अच्छे काम के आधार पर आगे दो बार एक-एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. इच्छुक एजेंसियां 17 अगस्त दोपहर 3 बजे तक आवेदन कर सकती हैं.
NTA ने जारी किए कई टेंडर
बता दें कि NTA ने अपनी खरीद प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए हाउसकीपिंग, सुरक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित छपाई के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं. ये टेंडर सरकारी ई-मार्केटप्लेस(GeM) के जरिए जारी किए गए हैं. NTA के अनुसार, दिल्ली कार्यालय के लिए सुरक्षा और हाउसकीपिंग सेवाओं की निविदा जमा करने की आखिरी तारीख 17 अगस्त है. वहीं, प्रिंटिंग सेवाओं के लिए अंतिम तारीख 20 अगस्त तय की गई है. इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है.
क्वालिटी को दी जाएगी प्राथमिकता
बढ़ते विवाद के बीच आयोग का ये कदम आने वाले समय में किसी तरह की कोई परेशानी न खड़ा करें, इसके लिए की जा रही है. NTA ने सुरक्षा सेवाओं के लिए सिर्फ सबसे कम कीमत वाली बोली को चुनने के बजाय गुणवत्ता और लागत आधारित चयन (QCBS) प्रणाली को अपनाया है. इस व्यवस्था के तहत तकनीकी प्रस्ताव को 70% और कीमत वाली बोली को 30% अंक दिए जाएंगे. जो एजेंसियां तकनीकी जांच में कम से कम 70 अंक हासिल नहीं कर पाएंगी, उन्हें आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा.
कंपनी के पास होनी चाहिए योग्यता?
नियमों के अनुसार, आवेदन करने वाली एजेंसी के पास-
सुरक्षा क्षेत्र में कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए.
पिछले तीन वित्तीय वर्षों में औसतन 10 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार होना चाहिए.
सरकारी संस्थानों, परीक्षा एजेंसियों, विश्वविद्यालयों, एयरपोर्ट, अस्पताल या मेट्रो जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा देने का अनुभव होना चाहिए.
लेकिन इसकी जो सबसे खास बात ये है कि इस पूरे सुरक्षा अनुबंध की अनुमानित कीमत GST को छोड़कर करीब 7.5 करोड़ रुपये है. आवेदन करने वाली एजेंसियों को 15 लाख रुपये की जमानत राशि जमा करनी होगी. चयनित एजेंसी को अनुबंध की कुल राशि का 5% प्रदर्शन सुरक्षा के तौर पर जमा करना होगा.
केवल सुरक्षा तक नहीं होगी जिम्मेदारी
NTA के साथ अनुबंध पाने वाली सुरक्षा एजेंसी की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा गार्ड तैनात करने तक सीमित नहीं होगी. एजेंसी को NTA कार्यालयों में प्रवेश व्यवस्था को नियंत्रित करना होगा. इसके तहत कर्मचारियों और आने वाले लोगों की पहचान की जांच की जाएगी, केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा और सभी का रिकॉर्ड रखा जाएगा. सुरक्षा जांच के लिए मेटल डिटेक्टर जैसी व्यवस्था भी लागू की जाएगी. एजेंसी को गोपनीय परीक्षा सामग्री, सर्वर रूम, डिजिटल सिस्टम और सुरक्षित स्टोरेज एरिया की सुरक्षा भी करनी होगी.
इसके लिए GPS से लैस गार्ड ट्रैकिंग, बायोमेट्रिक और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी का यूज किया जाएगा. NTA ने गोपनीयता को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया है. चयनित एजेंसी और उसके कर्मचारियों को परीक्षा से जुड़ी जानकारी, सुरक्षा व्यवस्था और IT सिस्टम से संबंधित सभी गोपनीय सूचनाओं को सुरक्षित रखना होगा. यह जिम्मेदारी अनुबंध खत्म होने के बाद भी जारी रहेगी.
पेपर लीक विवाद से सुरक्षा तक NTA का बड़ा बदलाव
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद NTA ने अपनी परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाने शुरू किए हैं. पेपर लीक की घटना के कारण पहले की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई. इस मामले के बाद देश में परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे. इसके बाद पेपर लीक रोकने के लिए नए नियम और सख्त कानून लाने की दिशा में भी कदम उठाए गए.
अब NTA ने परीक्षा की सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित छपाई और रखरखाव जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए नई टेंडर जारी की हैं. इन बदलावों में सुरक्षित प्रिंटिंग, गोपनीय सामग्री की सुरक्षा, प्रवेश नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाना शामिल है. NTA का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाकर छात्रों का भरोसा वापस हासिल करना है.
आजतक एजुकेशन डेस्क