केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि वह चरणबद्ध तरीके से यह स्पष्ट करेगी कि NEET प्रश्न पत्र प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों तक पहुंचने तक कैसे सुरक्षित रखा जाता है. सरकार 6 अगस्त को सुनवाई के दौरान हलफनामे के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड पर रखेगी. केंद्र सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने NEET पेपर लीक रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग वाली याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई करने का फैसला किया है.
प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्र तक
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सरकार परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी प्रक्रिया अदालत के सामने रखना चाहती है. उन्होंने कहा कि 6 अगस्त को इस बारे में विस्तृत हलफनामा दाखिल किया जाएगा. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी जानना चाहा कि परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्रों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है.याचिकाओं में NEET प्रश्न पत्र की सुरक्षा बढ़ाने और परीक्षा प्रक्रिया को और भरोसेमंद बनाने के लिए नई बदलाव की मांग की गई है.
पेपर लीक के बाद सुधार
यह सुनवाई NEET-UG 2026 विवाद के महीनों बाद हो रही है, जब 3 मई को आयोजित परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी. हालांकि, दोबारा से परीक्षा का आयोजन 21 जून को किया गया था. जबकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कथित लीक की जांच जारी रखे हुए है.
हालांकि, अपनी पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा व्यवस्था में ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत बताई थी. कोर्ट ने कहा था कि सिर्फ अस्थायी कदम काफी नहीं हैं और सुधारों पर नजर रखी जाएगी. कोर्ट ने केंद्र से राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने की जानकारी भी मांगी थी, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया, डेटा सुरक्षा और NTA में सुधार के सुझाव दिए गए थे.
नीलेकानी पैनल ने की आगे की तैयारी
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था में और बड़े सुधारों पर काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नंदन नीलेकानी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है. इस समिति में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस.सोमनाथ, आईबी के पूर्व निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि समेत कई एक्सपर्ट्स शामिल हैं.
कुछ याचिकाओं में NTA में बदलाव, परीक्षा संचालन के लिए एक अलग स्वायत्त संस्था बनाने और कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग की गई है. अब 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार के हलफनामे पर सुनवाई करेगा. कोर्ट यह देखेगा कि पेपर लीक रोकने और NEET जैसी बड़ी परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क