नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 9 की सोशल साइंस (सामाजिक विज्ञान) की नई पाठ्यपुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में कई अनोखे और बड़े बदलाव किए हैं.
नए सिलेबस में अब केवल पुराना इतिहास ही नहीं, बल्कि देश के आधुनिक विकास, पर्सनल फाइनेंस, सरकारी नीतियों, इनकम टैक्स की गणना और भारतीय बिजनेस मॉडल्स को जोड़ा गया है. इस बदलाव का सीधा मकसद बच्चों को कम उम्र में ही एक जिम्मेदार नागरिक, वित्तीय रूप से जागरूक और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाना है. आइए समझते हैं एनसीईआरटी के नए सिलेबस के बारे में.
9वीं के बच्चे अब सीखेंगे इनकम टैक्स कैलकुलेट करना
पाठ्यपुस्तक के अध्याय 5 ‘मैनेजिंग योर पर्सनल फाइनेंसेज’ (अपने व्यक्तिगत वित्त का प्रबंधन) के तहत छात्रों को व्यक्तिगत वित्त की बेसिक समझ दी जाएगी:
आयकर स्लैब की जानकारी: बच्चों को नई कर व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स की गणना करना सिखाया जाएगा. उदाहरणों के जरिए समझाया जाएगा कि टैक्स की देनदारी कैसे तय होती है.
टैक्स चुकाना नागरिक जिम्मेदारी: सिलेबस में बताया गया है कि ईमानदारी और समय पर टैक्स देना हर नागरिक का फर्ज है, क्योंकि इसी टैक्स से देश के विकास और सार्वजनिक सेवाओं के लिए फंड जुटता है.
स्वास्थ्य बीमा की सीख: आयुष्मान भारत (AB-PMJAY) योजना का उदाहरण देकर समझाया गया है कि कैसे बीमा के जरिए कम आय वाले परिवारों को मेडिकल इमरजेंसी में वित्तीय सुरक्षा मिलती है.
'सेंगोल' से लेकर 'सत्यमेव जयते' तक: शासन के पारंपरिक प्रतीक
अध्याय 4 ‘गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी (शासन एवं सार्वजनिक नीति) में देश की शासन व्यवस्था को भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ा गया है:
ऐतिहासिक प्रतीक: मुंडक उपनिषद से लिए गए राष्ट्रीय आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' और महाभारत से लिए गए सुप्रीम कोर्ट के वाक्य 'यतो धर्मस्ततो जयः' को शामिल किया गया है.
सेंगोल का जिक्र: चोल राजवंश से जुड़े 'सेंगोल' और साल 2023 में नए संसद भवन में इसकी स्थापना का विशेष उल्लेख है.
बरगद का पेड़ और सुशासन: गुड गवर्नेंस को बरगद के पेड़ के चित्र से समझाया गया है. इसकी 7 शाखाएं भागीदारी, कानून का शासन, जवाबदेही, प्रभावशीलता, समावेशिता, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता को दर्शाती हैं.
खेल और नीतियां: नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और 'खेलो भारत नीति 2025' के जरिए बच्चों को समझाया गया है कि नीतियां कैसे बनती हैं और खेल कैसे राष्ट्र निर्माण में मदद करते हैं.
लिज्जत पापड़ और ओबेरॉय होटल्स से सीखेंगे बिजनेस की एबीसीडी
अध्याय 6 ‘फ्रॉम आइडियाज टू स्टार्टअप्स’ में भारतीय कारोबारियों और पारंपरिक मॉडल्स के जरिए उद्यमिता (एन्टरप्रेन्योरशिप) समझाई गई है.
लिज्जत पापड़ की सफलता: 1959 में मुंबई की 7 गृहिणियों द्वारा 80 रुपये की छोटी सी पूंजी से शुरू हुए 'श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़' की कहानी शामिल की गई है. बताया गया है कि कैसे 2023 तक 45,000 से अधिक महिला सदस्य इस 1,600 करोड़ रुपये के सहकारी बिजनेस से जुड़ीं.
मोहन सिंह ओबेरॉय का सफर: 50 रुपये महीने की सैलरी पर होटल क्लर्क का काम करने वाले एमएस ओबेरॉय की देश की सबसे बड़ी होटल चेन बनाने की प्रेरणादायक यात्रा पढ़ाई जाएगी.
चेट्टियार समुदाय का ट्रेड नेटवर्क: तमिलनाडु के चेट्टियार समुदाय की पारंपरिक बैंकिंग, आपसी भरोसे पर आधारित कर्ज और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैले उनके ऐतिहासिक व्यापारिक नेटवर्क को शामिल किया गया है.
स्टार्टअप्स और 'विकसित भारत 2047' का विजन
स्वामी विवेकानंद के विचार से शुरू होने वाले इस खंड में भारत के 120 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स (Unicorn Startups) का जिक्र है:
अर्थव्यवस्था में योगदान: ई-कॉमर्स, फिनटेक, एग्रीटेक और हेल्थकेयर सेक्टर्स में नए बिजनेस की भूमिका पर बात की गई है. साथ ही विकसित भारत 2047 स्टार्टअप्स को 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ा गया है. बच्चों को बताया गया है कि कैसे बिजनेस केवल मुनाफा नहीं कमाते, बल्कि रोजगार, इनोवेशन, टैक्स और सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के जरिए समाज को आगे बढ़ाते हैं.
अनमोल नाथ