'इन्हें देखिए... यह अब 30 के पार हो चुका है. हम दोनों भाई आज एक ही JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं.'
19 साल के एक युवा जब अपने ही 32 साल के बड़े भाई की तरफ इशारा करके यह बात कहता है, तो यह सिर्फ दो भाइयों की कहानी नहीं रह जाती. यह झारखंड के उस पूरे सिस्टम की नंगी तस्वीर बन जाती है, जहां धांधली और पेपर लीक ने युवाओं की दो पीढ़ियों के सपनों को एक ही कोचिंग के बेंच पर लाकर खड़ा कर दिया है. पत्रकार के साथ बातचीत में इन दो भाईयों का जो केस स्टडी सामने आया, वह किसी का भी कलेजा कंपा देने के लिए काफी है.
8 अटेम्प्ट, 32 साल की उम्र और 19 साल का छोटा भाई!
जब रिपोर्टर ने 30 पार दिख रहे बड़े भाई से उनकी उम्र पूछी, तो जवाब आया, '32 साल.' इसके बाद जो सवाल-जवाब हुए, वे सिस्टम की लाचारी को बेपर्दा करते हैं...
रिपोर्टर: ...और छोटा भाई कितने साल का है?
जवाब: यह अभी सिर्फ 19 साल का है.
रिपोर्टर: आप कितने सालों से एक ही परीक्षा (JPSC) दे रहे हैं?
जवाब: 8 सालों से... अब तक 8 अटेम्प्ट दे चुका हूं.
ये एक अलग ही उदाहरण है जहां 32 साल का बड़ा भाई, जिसने अपनी जवानी के सबसे बेहतरीन 8 साल किताबों के पन्नों और JPSC की अनिश्चितता में खपा दिए, आज अपने ही 19 साल के छोटे भाई के साथ एक ही एग्जाम हॉल में एक सीट के लिए प्रतिस्पर्धा करने को मजबूर है.
पैसे वाले आगे निकल गए... बाजार में BDO-SDO का रेट 1.30 करोड़!
8 बार परीक्षा में बैठने के बाद भी चयन न होने की वजह से 32 साल के अभ्यर्थी के भीतर सिस्टम को लेकर आक्रोश साफ झलकता है. वो आरोप लगाते हुए कहते हैं कि जिनके पास पैसे थे, वे पैसे देकर सेलेक्ट हो गए और आगे निकल गए. आज सरकार के राज में यही स्थिति है. जैसे ही भर्ती का नोटिफिकेशन (विज्ञापन) निकलता है, पूरे मार्केट में हर एक पोस्ट का 'रेट' पहले से सबको पता चल जाता है. जिसके पास जितना पैसा है, वह उस रेट के हिसाब से चुका देता है.
सरकार रेट लिस्ट ही क्यों नहीं जारी कर देती?
भ्रष्टाचार और कटऑफ की मार झेल रहे इस अभ्यर्थी ने तंज कसते हुए सरकार के सामने एक बेहद तीखा सवाल रखते हुए कहते हैं कि लेटेस्ट JPSC नोटिफिकेशन के बाद बाजार में जो रेट चल रहा है, वह SDO पोस्ट के लिए 1.30 करोड़ रुपये और BDO/CO पोस्ट के लिए 1.30 करोड़ रुपये है. अगर इसी तरह से भर्तियां होनी हैं, तो सरकार को आधिकारिक तौर पर रेट लिस्ट ही जारी कर देनी चाहिए. उन्हें बाकायदा नोटिफिकेशन के साथ रेट लिस्ट छापनी चाहिए कि इस पोस्ट का इतना, उस पोस्ट का उतना ताकि हर किसी को पता तो रहे कि किसको कितना रेट देना है!
दो पीढ़ियों का दर्द
झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे धांधली और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच यह केस स्टडी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि परीक्षाएं सिर्फ समय नहीं निगल रहीं, बल्कि परिवारों के भविष्य को हमेशा के लिए अंधकार में धकेल रही हैं. जिस 19 साल के युवा को कॉलेज से निकलकर नए क्षितिज तलाशने चाहिए थे, वह अपने 32 साल के भाई को 8 बार असफल होते देखकर उसी निराशा भरे दौर में धकेला जा रहा है. सवाल सीधा है कि क्या 1.30 करोड़ की कथित 'बोली' के आगे मेहनत और लगन से पढ़ाई करने वाले इन युवाओं का कोई भविष्य बचा है?
प्रीति चौधरी