भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे ने कैंपस में छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ के लिए 'एंटी-डिस्क्रीमिनेशन गाइडलाइंस' जारी की हैं. इन दिशानिर्देशों के तहत किसी भी छात्र से उसकी जन्म श्रेणी, एडमिशन कैटेगरी या प्रवेश परीक्षा की रैंक पूछने पर मनाही की गई है, जिससे किसी भी तरह का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष ढंग से भेदभाव पैदा हो सकता है.
संस्थान का यह कदम उसके छात्र साहिल वाकोड़े (22) की कथित खुदकुशी के करीब एक महीने बाद आया है. साहिल के निधन के बाद उसके माता-पिता ने एक फैकल्टी मेंबर पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया था. मंगलवार को जारी इन गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य कैंपस में समावेशी माहौल को बढ़ावा देना और छात्रों को जाति, धर्म या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से परे एकजुट होने के लिए प्रोत्साहित करना है.
रैंक और कैटेगरी पूछना अनुचित
नियमों के मुताबिक, किसी सहपाठी से उसकी जन्म या प्रवेश श्रेणी के बारे में पूछना अनुचित है, क्योंकि इससे जाने-अनजाने में पूर्वाग्रह उत्पन्न हो सकता है. ईमेल में यह भी साफ किया गया है कि किसी भी व्यक्ति (छात्र, स्टाफ या फैकल्टी) के लिए छात्रों से उनका JEE (Advanced) रैंक, GATE स्कोर या ऐसी कोई भी जानकारी मांगना गलत है जिससे उनकी जाति या उससे जुड़ी बातें उजागर होती हों. डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स कार्यालय की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया कि भले ही जिज्ञासावश ही क्यों न पूछा गया हो, ऐसे सवाल नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं और इन्हें भेदभावपूर्ण माना जा सकता है.
सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और जोक्स पर पूर्ण प्रतिबंध
इन दिशा-निर्देशों के तहत, व्हाट्सएप, फेसबुक, ईमेल या व्यक्तिगत रूप से किसी भी प्रकार के अपमानजनक, नफरत भरे, जातिवादी, लैंगिक भेदभाव वाले या धार्मिक और लैंगिक रुझान पर आधारित जोक्स व मैसेज भेजने या फॉरवर्ड करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. ईमेल में चेतावनी दी गई है कि इस तरह के कृत्य को उत्पीड़न या बुलिंग माना जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
संस्थान ने छात्रों को सलाह दी है कि वे विभागों, खेल, संगीत, फिल्मों, गृहनगर और रुचियों जैसे साझा विषयों के आधार पर आपस में जुड़ाव बनाएं.
छात्र की मौत के बाद परिसर में बढ़ा तनाव
18 सितंबर को छात्र साहिल वाकोड़े का शव उसके हॉस्टल के कमरे में मिला था. कथित तौर पर मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े जाने के बाद उसने यह कदम उठाया था, जिसके बाद से ही कैंपस में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे. संस्थान का कहना है कि यह नया संचार छात्र कल्याण को मजबूत करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने की कोशिशों का हिस्सा है. इस बीच, आईआईटी बॉम्बे के मुख्य द्वार पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है, जहां वे छात्र कल्याण को लेकर प्रशासन से सीधे संवाद की मांग कर रहे हैं.
दूसरी ओर, मृतक छात्र के माता-पिता आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और संस्थान प्रशासन से जवाबदेही व सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. परिजनों ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है. इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने कथित आत्महत्या के मामले में प्रोफेसर दूल्ला से करीब 10 घंटे तक पूछताछ भी की थी.
आजतक एजुकेशन डेस्क